राष्ट्रपति के साथ खड़े उस चेहरे की बदली कहानी, Major Rishabh Sambyal ने Army को कहा अलविदा; 12 साल की सेवा के बाद Premature Retirement

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन के भव्य समारोह हों, गणतंत्र दिवस का मंच हो या विदेश दौरे की तस्वीरें—राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ अक्सर एक सैन्य अधिकारी नजर आता था। सधी हुई वर्दी, अनुशासन से भरा व्यक्तित्व और हर आधिकारिक कार्यक्रम में राष्ट्रपति के बेहद करीब मौजूदगी। यह चेहरा था Major Rishabh Singh Sambyal का। अब यह चेहरा भारतीय सेना की वर्दी में नजर नहीं आएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp (ADC) रह चुके Major Rishabh Singh Sambyal ने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद premature retirement ले लिया है। एक सैनिक की कहानी में यह अंत नहीं, बल्कि वर्दी के बाद शुरू होने वाला एक नया अध्याय है।
राष्ट्रपति के ADC बने तो देश ने पहली बार गौर से देखा
ADC का पद जितना प्रतिष्ठित है, उतना ही पर्दे के पीछे रहने वाला भी। राष्ट्रपति के साथ हर कदम पर मौजूद रहना, प्रोटोकॉल का पालन, आधिकारिक कार्यक्रमों में समन्वय और बेहद संवेदनशील जिम्मेदारियों को संभालना—यह भूमिका किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए खास मानी जाती है।
Major Sambyal जब राष्ट्रपति मुर्मू के ADC बने, तो उनकी तस्वीरें लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने लगीं। धीरे-धीरे राष्ट्रपति के साथ खड़ा यह सैन्य अधिकारी खुद भी लोगों की नजरों में आने लगा। जिस चेहरे का काम राष्ट्रपति की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के पीछे रहना था, वही चेहरा सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ गया।
Army से Rashtrapati Bhavan तक का सफर
Major Sambyal का सैन्य करियर भी कम उल्लेखनीय नहीं रहा। वे Jat Regiment से जुड़े रहे और बाद में 4 Para Special Forces में भी सेवा दी। 2021 के गणतंत्र दिवस पर उन्होंने Jat Regiment की टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस contingent को Best Marching Contingent Trophy भी मिली थी। यानी राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने से पहले ही उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव दर्ज हो चुके थे।
वर्दी ने पहचान दी, व्यक्तित्व ने सोशल मीडिया पर पहचान बढ़ाई
सैन्य अधिकारियों की जिंदगी आमतौर पर कैमरों से दूर होती है। लेकिन Major Sambyal इसका अपवाद बन गए। राष्ट्रपति के साथ उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे। उनकी military bearing, personality और राष्ट्रपति के साथ लगातार नजर आने की वजह से इंटरनेट पर उन्हें लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ती गई।
देखते ही देखते एक सैन्य अधिकारी, जिसे शायद अपने पेशे की वजह से पहचान मिलनी थी, सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की लोकप्रियता हासिल करने लगा। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें इंटरनेट का “national crush” तक कहा गया। लेकिन कैमरों के सामने जितनी लोकप्रियता मिली, उसके पीछे वर्षों की सैन्य ट्रेनिंग और अनुशासन की लंबी कहानी थी।
फिर अचानक क्यों लिया Premature Retirement?
करीब 12 साल सेना में सेवा देने के बाद Major Sambyal ने premature retirement लेने का फैसला किया है। हालांकि उनके retirement के सटीक कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया गया है, लेकिन किसी एक कारण को आधिकारिक तौर पर निश्चित मानना उचित नहीं होगा।
21 अगस्त 2026 को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की। यह मुलाकात उनके सैन्य जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय के बाद की तस्वीर के रूप में सामने आई। वर्दी उतरी जरूर है, लेकिन राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाली उनकी कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
अब आगे क्या?
Major Rishabh Singh Sambyal के आगे के करियर को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। करीब 12 वर्षों की सैन्य सेवा, Special Forces का अनुभव और राष्ट्रपति के ADC के रूप में काम करने का अनुभव उन्हें एक असाधारण प्रोफाइल देता है।
लेकिन सवाल यह है कि अब वह इस अनुभव को किस दिशा में ले जाएंगे? क्या वे कॉर्पोरेट सेक्टर में जाएंगे? सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में भूमिका निभाएंगे? या फिर कोई बिल्कुल अलग रास्ता चुनेंगे? इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है।
एक सैनिक से एक पहचान तक
Major Rishabh Singh Sambyal की कहानी सिर्फ premature retirement की खबर नहीं है। यह उस दौर की कहानी है जब एक सैन्य अधिकारी राष्ट्रपति के साथ खड़े होकर संवैधानिक गरिमा का हिस्सा बना, फिर उसी तस्वीर के जरिए आम लोगों की नजरों में आया। करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद अब वह वर्दी पीछे छोड़ चुके हैं। राष्ट्रपति के ADC से इंटरनेट की सुर्खियों तक का सफर पूरा हो चुका है। अब Major Sambyal की कहानी का अगला अध्याय वर्दी के बाहर लिखा जाएगा।
