रक्षाबंधन से पहले रायपुर में ‘लेडी चोर गैंग’ का पर्दाफाश! 12 लाख के जेवर बरामद, 7 वारदातों का खुलासा

रायपुर, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रायपुर पुलिस की पैदल सर्चिंग अब रंग ला रही है। कोतवाली पुलिस की पैदल सर्चिंग टीम ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के साथ कार्रवाई करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो भीड़भाड़ वाले बाजारों और मेला स्थलों में महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी करती थीं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर, नकदी, दोपहिया वाहन और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में दोनों महिलाओं ने रायपुर में चोरी की 7 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
गोल बाजार से इतवारी तक रेकी, भीड़ में बनाती थीं शिकार
पुलिस के मुताबिक आरोपी महिलाएं पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करती थीं। इसके बाद महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर भीड़ का फायदा उठाते हुए उनके गले से सोने की चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण निकाल लेती थीं।
आरोपियों ने पूछताछ में गोल बाजार, महादेव घाट और इतवारी बाजार सहित अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों और मेला स्थलों पर चोरी करने की बात स्वीकार की है।
रक्षाबंधन के मद्देनजर बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस पहले से ही इन क्षेत्रों में पैदल सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों महिलाओं को पकड़ा।
7 चोरी की वारदातों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने रायपुर में 7 चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
उनसे बरामद जेवरों और अन्य सामान के संबंध में पुलिस अब अलग-अलग शिकायतों और मामलों का मिलान कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर चोरी की कुछ अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।
दोनों गुढ़ियारी की रहने वाली
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नंदिनी राजपूत और सानिया मरकाम के रूप में हुई है। दोनों रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई हैं।
पुलिस जांच के अनुसार नंदिनी राजपूत का पति मोहन राजपूत गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। वह फिलहाल नारकोटिक एक्ट के मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है।
हालांकि, पति के आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख पुलिस जांच के संदर्भ में किया गया है और इससे नंदिनी के खिलाफ दर्ज वर्तमान मामले से अलग कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
पुलिस की पैदल सर्चिंग ने पकड़ा सुराग
सेंट्रल जोन के डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मुताबिक रक्षाबंधन के दौरान बाजारों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रायपुर पुलिस ने पैदल सर्चिंग अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीम ने दोनों महिलाओं को पकड़ा।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने चोरी किए गए आभूषणों को कहां खपाया और इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस नेटवर्क में शामिल है या नहीं।
त्योहार पर बाजारों में पुलिस का ‘थर्ड आई’ प्लान
रक्षाबंधन को देखते हुए रायपुर के प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पैदल सर्चिंग टीमों के अलावा CCTV कैमरों के जरिए संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का फोकस खासतौर पर उन इलाकों पर है जहां त्योहार के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। डीसीपी ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल, पर्स और आभूषणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद बड़ा सवाल
रायपुर में त्योहार से ठीक पहले दो महिला आरोपियों से करीब 12 लाख रुपये के जेवरों की बरामदगी और 7 चोरी की वारदातों का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या दोनों महिलाएं अकेले ही वारदातों को अंजाम देती थीं या इनके पीछे कोई बड़ा चोरी का नेटवर्क भी सक्रिय है। रक्षाबंधन की भीड़ बढ़ने से पहले रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई बाजारों में सक्रिय चोर गिरोहों के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है।
