पोस्टर वार से गरमाई बिलासपुर की राजनीति: शैलेश पांडेय ने अमर अग्रवाल पर साधा निशाना, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
बिलासपुर। शहर की राजनीति में एक बार फिर पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी शैलेश पांडेय ने भाजपा विधायक अमर अग्रवाल को निशाने पर लेते हुए शहर की कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और महंगाई के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्टर के माध्यम से शैलेश पांडेय ने सवाल किया है कि “ चुनाव से पहले बिलासपुर को 15 दिनों के भीतर अपराध मुक्त बनाने का दावा करने वाले विधायक अमर अग्रवाल आखिर कहां हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बावजूद जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। पांडेय ने कहा कि यदि अपराधों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है तो जनप्रतिनिधियों को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

अपराध और सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बिलासपुर में लूट, चाकूबाजी, चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनके मुताबिक आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, जबकि सरकार और जनप्रतिनिधि विकास एवं सुशासन के दावे करने में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार “सुशासन तिहार” का आयोजन कर अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर जनता अपराध और असुरक्षा की भावना से जूझ रही है। पांडेय ने इसे जमीनी हकीकत से दूर प्रचार अभियान बताया।

महंगाई को लेकर भी घेरा
शैलेश पांडेय ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ महंगाई को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। बढ़ती महंगाई के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
सियासी हलकों में चर्चा तेज
लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रही स्थानीय राजनीति में इस पोस्टर वार ने नई हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने और जनता के बीच मुद्दों को लेकर माहौल बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल शैलेश पांडेय के आरोपों पर भाजपा या विधायक अमर अग्रवाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब राजनीतिक हलकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा इस हमले का जवाब किस तरह देती है।










