‘मंत्री जी, पढ़ाएगा कौन? CG Gen Alpha का Protest, 400 बच्चे सड़क पर; 3 शिक्षकों से पढ़ाई! मंत्री से बात के बाद आधी रात खत्म हुआ प्रदर्शन

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में अब Gen Alpha के बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए सड़क पर उतर रहे हैं। पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
मुद्दा सीधा था—400 बच्चे, लेकिन पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक। छात्रों का कहना था कि शिक्षक नहीं हैं तो पढ़ाई कैसे होगी, सिलेबस कैसे पूरा होगा और परीक्षा की तैयारी कैसे होगी? यह प्रदर्शन महज कुछ घंटों का विरोध नहीं रहा। दोपहर से शुरू हुआ छात्रों का चक्काजाम करीब 12 घंटे तक चला और आधी रात को मंत्री से फोन पर बातचीत के बाद खत्म हुआ।
Gen Alpha का नया अंदाज—क्लासरूम से सड़क तक
आज की युवा पीढ़ी सिर्फ शिकायत करने के बजाय अपनी मांग को लेकर सीधे सड़क पर उतर आई। छात्रों ने साफ कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, क्लासरूम में शिक्षक चाहिए।
छात्रों के मुताबिक स्कूल में कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में महज तीन शिक्षक होने के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थियों ने पढ़ाई और सिलेबस पूरा नहीं होने को लेकर चिंता जताई।
21 अगस्त को भी उठाई थी आवाज
यह छात्रों का पहला विरोध नहीं था। 21 अगस्त को भी विद्यार्थियों ने शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय अधिकारियों ने जल्द समस्या दूर करने का भरोसा दिया था। लेकिन जब 25 अगस्त तक पर्याप्त शिक्षक नहीं पहुंचे तो छात्रों का सब्र टूट गया। इस बार उन्होंने सड़क पर उतरकर साफ संदेश दिया—“सिर्फ आश्वासन नहीं, शिक्षक चाहिए।”
प्रशासन पहुंचा, लेकिन छात्र नहीं हटे
चक्काजाम की सूचना मिलते ही SDOP, SDM, तहसीलदार और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
छात्र कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से सीधे बात करना चाहते थे। इसके बाद उनकी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। मंत्री से समस्या के समाधान का भरोसा मिलने के बाद रात करीब 12 बजे छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।
आंदोलन का असर: 4 नए शिक्षक, नया प्राचार्य
छात्रों के आंदोलन के बाद स्कूल में 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे स्कूल में शिक्षकों की संख्या अब 7 हो जाएगी।
इसके अलावा नया प्राचार्य भेजने और पुराने प्राचार्य को हटाने की बात भी सामने आई है। कॉमर्स विषय के लिए भी एक शिक्षक जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। हालांकि छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की है। इसलिए उनका कहना है कि अभी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है।
मंत्री के गृह जिले में Gen Alpha का सवाल
पेंड्रावन का स्कूल धमधा क्षेत्र में आता है और दुर्ग स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। ऐसे में 400 विद्यार्थियों के लिए महज तीन शिक्षकों की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पेंड्रावन के छात्रों का यह आंदोलन सिर्फ शिक्षकों की मांग तक सीमित नहीं है। यह उस नई पीढ़ी की आवाज है, जो अपनी पढ़ाई, अपने भविष्य और अपने अधिकारों को लेकर सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हट रही।
