रायपुर एयरपोर्ट पर शुरू होगी ‘फ्लाईब्रेरी’, अब सफर में मुफ्त पढ़ सकेंगे किताबें; एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नगाइच बने चंडीगढ़ एयरपोर्ट के CEO
यात्री एक एयरपोर्ट से किताब लेकर दूसरे शहर के एयरपोर्ट की लाइब्रेरी में कर सकेंगे जमा, विदाई से पहले डायरेक्टर ने साझा की विकास योजनाएं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए जल्द ही एक नई और अनोखी सुविधा शुरू होने जा रही है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पहली बार ‘फ्लाईब्रेरी’ (Flybrary) की शुरुआत की जाएगी। इस पहल के तहत यात्री एयरपोर्ट से निःशुल्क किताब लेकर अपनी यात्रा के दौरान पढ़ सकेंगे और गंतव्य शहर के एयरपोर्ट की लाइब्रेरी में उसे वापस जमा कर सकेंगे।
यह सुविधा यात्रियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और यात्रा को अधिक ज्ञानवर्धक बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। फिलहाल देश के कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट पर ही यह व्यवस्था उपलब्ध है और अब रायपुर भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है।
हर उम्र के यात्रियों के लिए होंगी किताबें
फ्लाईब्रेरी में हिंदी, अंग्रेजी समेत अन्य भाषाओं की पुस्तकों का संग्रह होगा। बच्चों के लिए कॉमिक्स, पर्यटकों के लिए ट्रैवल गाइड, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें, सामान्य ज्ञान, साहित्य और प्रेरणादायक पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी। यात्री अपनी पसंद की किताब निःशुल्क लेकर यात्रा के दौरान पढ़ सकेंगे और अपने गंतव्य एयरपोर्ट की लाइब्रेरी में उसे जमा करेंगे। यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिससे किताबों का आदान-प्रदान लगातार चलता रहे।
रायपुर एयरपोर्ट को मिली नई पहचान
रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाईब्रेरी की शुरुआत को यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे एयरपोर्ट सिर्फ यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान और पठन-पाठन को बढ़ावा देने वाला स्थान भी बनेगा।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट के CEO बने योगेश नगाइच
इसी बीच रायपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर योगेश नगाइच का तबादला कर उन्हें चंडीगढ़ एयरपोर्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। विदाई से पहले उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में यात्रियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी और एयरपोर्ट का लगातार विस्तार किया जाएगा।
रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाईब्रेरी की शुरुआत को छत्तीसगढ़ के विमान यात्रियों के लिए एक सकारात्मक और नवाचारपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे सफर अब सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का माध्यम नहीं बल्कि ज्ञानवर्धक अनुभव भी बनेगा।

