26 करोड़ का ओवरब्रिज और महीनेभर में आ गईं दरारें! भड़के विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिख उच्च स्तरीय जांच की मांग
रायपुर/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जून 2026 में ही लोकार्पित हुए बरगा-आलीवारा-मुसरा रेल ओवरब्रिज में महज एक महीने के भीतर खतरनाक दरारें आ गई हैं। इस गंभीर मामले को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव के विधायक डॉ. रमन सिंह बेहद सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पहली ही बारिश में खुली पोल, पुल में आई 70 फीट लंबी दरारें
डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर जोन, नागपुर मंडल) के अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से इस रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था।
हैरान करने वाली बात यह है कि जून 2026 में इसके लोकार्पण के ठीक बाद, 4 और 5 जुलाई को जिले में हुई भारी बारिश ने ही निर्माण की पोल खोल दी। ओवरब्रिज में लगभग 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी भयानक दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

डॉ. रमन सिंह बोले- ‘लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद ऐसी क्षति अत्यंत चिंताजनक’
विधानसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में साफ कहा कि लोकार्पण के चंद दिनों बाद ही पुल का इस तरह क्षतिग्रस्त होना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस लापरवाही से क्षेत्र की जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।
डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से प्रमुख रूप से ये मांगें की हैं, उच्च स्तरीय तकनीकी जांच: पूरे मामले की किसी बड़ी तकनीकी टीम से जांच कराई जाए। दोषियों पर एक्शन: निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, कंसलटेंट (परामर्शदाता) और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। तत्काल सुरक्षा परीक्षण: ओवरब्रिज का तुरंत सुरक्षा ऑडिट (Testing) कराया जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके और आम जनता सुरक्षित रहे।

