Biofach India-2026 में छत्तीसगढ़ का जलवा: GPM के विष्णुभोग चावल और प्राकृतिक शहद ने जीता देश-विदेश के खरीदारों का दिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज, बिहान से जुड़ी महिला स्वसहायता समूहों के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान, नए बाजारों के खुले अवसर
रायपुर, 06 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित देश के प्रतिष्ठित जैविक व्यापार मेला एवं सम्मेलन बायोफैच इंडिया-2026 (Biofach India-2026) में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के विष्णुभोग चावल और केवची का प्राकृतिक शहद आकर्षण का केंद्र रहे। इन उत्पादों को देश-विदेश से पहुंचे खरीदारों, निर्यातकों और उद्योग विशेषज्ञों ने सराहा, जिससे राज्य के जैविक उत्पादों के लिए नए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रास्ते खुले हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत महिला स्वसहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठन (FPO) द्वारा तैयार किए गए ‘अरपा बिहान विष्णुभोग राइस’ और केवची के जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद का राष्ट्रीय स्टॉल पर प्रदर्शन किया गया। उत्पादों की गुणवत्ता और प्राकृतिक उत्पादन पद्धति ने खरीदारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, महिला स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया है। इसी नीति का परिणाम है कि प्रदेश की महिलाएं अब स्थानीय उत्पादन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय व्यापारिक मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जैविक विष्णुभोग धान, प्राकृतिक शहद, सूरन, कटहल और अन्य जैविक सब्जियों के उत्पादन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इन उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्ट स्वाद के कारण राष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि महिला स्वसहायता समूह ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्पादों की प्रदर्शनी से उन्हें बेहतर विपणन के अवसर मिल रहे हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले के विशिष्ट कृषि एवं वन आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ना है, ताकि किसानों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय में सतत वृद्धि हो सके।
सम्मेलन में राज्य कार्यक्रम प्रबंधक राजन सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक जायसवाल तथा तिपान किसान उत्पादक संगठन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र खैरवार ने जिले के जैविक उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन और प्रचार-प्रसार किया। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच व्यापक सराहना मिली।

