छत्तीसगढ़ में फिर बजेगा उपचुनाव का बिगुल! एक और विधानसभा सीट खाली, जानिए कब तक होगा चुनाव
अहिवारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ, विधानसभा सचिवालय ने निर्वाचन आयोग को भेजी सूचना; 30 अप्रैल 2027 से पहले कराना होगा चुनाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर उपचुनाव की हलचल तेज होने वाली है। प्रदेश की एक और विधानसभा सीट खाली हो गई है और अब यहां उपचुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के बाद विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त होने की आधिकारिक सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है। ऐसे में अब सबकी नजरें निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।
नियमानुसार रिक्त हुई विधानसभा सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। इस लिहाज से अहिवारा सीट पर 30 अप्रैल 2027 से पहले मतदान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, चुनाव की तारीखों का ऐलान निर्वाचन आयोग की ओर से किया जाएगा।
विधायक के निधन के बाद खाली हुई सीट
भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 30 अक्टूबर को हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी एवं दुर्ग कलेक्टर की ओर से विधानसभा सचिवालय को भेजी गई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने अहिवारा विधानसभा सीट रिक्त होने की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है।
इस औपचारिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब निर्वाचन आयोग उपचुनाव की तैयारियों और कार्यक्रम को लेकर आगे की कार्रवाई कर सकेगा।
साय सरकार के कार्यकाल में दूसरी बार उपचुनाव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार को अपने तीन साल के कार्यकाल में दूसरी बार विधानसभा उपचुनाव का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था।
दरअसल, तत्कालीन विधायक और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट खाली हुई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने सुनील सोनी को मैदान में उतारा था। सुनील सोनी ने जीत दर्ज कर यह सीट भाजपा के पास बरकरार रखी थी।
अब अहिवारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही एक बार फिर राजनीतिक दलों की नजरें इस सीट पर टिकेंगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस सीट पर किसे अपना उम्मीदवार बनाती है और विपक्षी दलों की ओर से चुनावी मैदान में कौन उतरता है।
