CG BJP के निष्कासित नेता पर फिर FIR, नौकरी के नाम पर 6 लाख लेने का आरोप; बेटे के साथ पहले से जेल में कृष्णा अवस्थी
बलौदाबाजार, 4 सितंबर 2026। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निष्कासित पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रकम लेने का एक और मामला सामने आया है। इस बार जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी लगाने का झांसा देकर 6 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृष्णा अवस्थी भाजपा में जिला महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं। हालांकि, पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है। अब उनके खिलाफ लगातार सामने आ रही शिकायतों ने राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर भी चर्चा बढ़ा दी है।
ताजा मामले में शिकायतकर्ता जीवन लाल कमल ने आरोप लगाया है कि उन्हें जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके एवज में उनसे कथित तौर पर 6 लाख रुपये लिए गए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक रकम देने के बावजूद नौकरी नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन लंबे समय तक उन्हें आश्वासन दिया जाता रहा। रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
BJP कार्यालय से लेन-देन का भी शिकायत में जिक्र
शिकायत में रकम के लेन-देन का संबंध भाजपा कार्यालय बलौदाबाजार से होने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब रकम के लेन-देन, नौकरी दिलाने के कथित वादे और शिकायत में बताए गए अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
नौकरी के नाम पर पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। हाल ही में प्रणव अवस्थी के खिलाफ शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने के आरोप में सिटी कोतवाली में FIR दर्ज हुई थी। पुलिस के अनुसार, उस मामले में नौकरी के लिए 1.50 लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप है।
वहीं, मेघनाथ बंजारे ने कृष्णा अवस्थी के खिलाफ ट्रांसफर और बाद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये से अधिक लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
इसके अलावा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपये लेकर कथित फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप भी कृष्णा अवस्थी पर लगाया जा चुका है।
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में पिता-पुत्र जेल में
कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी पहले से ही कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी कर्मचारी को स्थानांतरण का लाभ दिलाने की कोशिश के आरोप में कार्रवाई की थी। अब 6 लाख रुपये की नई शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद पिता-पुत्र की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता
नई FIR के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों को पुलिस जांच के दायरे में रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।

