BJP नेता पर गंभीर आरोपों का पुलिंदा: लेटरपैड के दुरुपयोग से लेकर करोड़ों के लेन-देन तक, CM से EOW तक शिकायत

बालोद, 24 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला को लेकर शिकायतों का मामला अब मुख्यमंत्री से लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ताओं ने अकबर तिगाला पर राजनेताओं और मंत्रियों के साथ खिंचवाई तस्वीरों का कथित तौर पर प्रभाव जमाने के लिए इस्तेमाल करने, सरकारी पदाधिकारियों के लेटरपैड के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के कथित अवैध लेन-देन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ बालोद कलेक्टर और एसपी से भी मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बालोद के अधिकारियों की ओर से मामले में जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
EOW में शिकायत, आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग
शिकायतकर्ता असरार अहमद ने EOW में लिखित शिकायत देकर अकबर तिगाला की कथित संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अकबर एक कथित चिटफंड कंपनी से भी जुड़ा रहा है और उसके जरिए लोगों से बड़ी रकम के लेन-देन का मामला रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोपों की जांच कर आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नेताओं के साथ तस्वीरों को ‘रसूख’ के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अकबर तिगाला ने प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ खिंचवाई तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव दिखाने के लिए किया।
आरोप है कि इन तस्वीरों के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य लोगों पर प्रभाव बनाया गया और बाद में अपनी निजी फर्म के नाम पर सरकारी और अन्य सप्लाई के काम हासिल करने की कोशिश की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में बिना काम पूरा किए ही निजी फर्म के नाम पर अग्रिम भुगतान या चेक जारी करवाए गए।
DMF फंड को लेकर भी गंभीर आरोप
शिकायतकर्ताओं ने जिला खनिज न्यास (DMF) मद को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि अकबर तिगाला ने कई जिलों में DMF से जुड़े काम दिलाने का भरोसा देकर ठेकेदारों से कथित तौर पर एडवांस कमीशन लिया।
शिकायत में आरोप है कि काम नहीं मिलने के बाद रकम लौटाने के लिए चेक दिए गए, लेकिन बाद में कुछ चेक कथित तौर पर बाउंस हो गए। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी।
सरकारी लेटरहेड के इस्तेमाल का भी आरोप
मामले में शिकायतकर्ताओं ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष के आधिकारिक लेटरहेड के कथित अनधिकृत इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अकबर तिगाला के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ पार्टी स्तर पर भी कार्रवाई की जाए।
अब जांच पर टिकी नजर
मामला मुख्यमंत्री कार्यालय, जिला प्रशासन और EOW तक पहुंचने के बाद अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों में चिटफंड, सरकारी फंड, निजी फर्म, लेटरहेड के कथित दुरुपयोग और आर्थिक लेन-देन जैसे कई गंभीर पहलू शामिल हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे कितनी सच्चाई है और जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। जांच रिपोर्ट और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
