Bilaspur News: सीपत में नशीली दवाओं की बड़ी खेप जब्त, पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार; 20 लाख का माल बरामद

बिलासपुर। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी में पुलिस ने एक घर में दबिश देकर प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट की बड़ी खेप बरामद की है। कार्रवाई में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से कुल 4750 नग नशीली दवाएं जब्त की हैं, जिनका वजन 2,495.64 ग्राम और अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान एसीसीयू बिलासपुर की टीम को सूचना मिली कि ग्राम गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने बेटे मुकेश लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर दूसरे राज्य से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं लाकर उनकी बिक्री की तैयारी कर रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम गुड़ी स्थित उग्रसेन लोनिया के घर पर दबिश दी। यहां तीनों आरोपी नशीली दवाओं को बिक्री के लिए अपने कब्जे में रखे मिले।
4750 नग प्रतिबंधित कैप्सूल-टैबलेट बरामद
पुलिस ने मौके से प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट कुल 4750 नग बरामद किए। जब्त दवाओं का कुल वजन 2,495.64 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। जांच के दौरान आरोपियों के पास इन दवाओं को रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा डॉक्टर की पर्ची भी नहीं मिली।
पिता-पुत्र समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में उग्रसेन लोनिया (60), मुकेश कुमार लोनिया (30) और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 658/2026 में धारा 21(सी), 22(सी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी मुकेश लोनिया इससे पहले भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। नशीली दवाओं की खेप कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किसने की और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने मामले में एंड-टु-एंड विवेचना और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी शुरू की है। इसके जरिए नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
