Bilaspur News: सकरी–रतनपुर मार्ग पर भीषण हादसा, 9 गौवंशों की मौत; गौ सुरक्षा के लिए फेंसिंग और रेस्क्यू सिस्टम की मांग
गतौरी के पास हादसे में एक नंदी गंभीर घायल, गौसेवा धाम ने हाईवे पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और गौ एम्बुलेंस की उठाई मांग

बिलासपुर। सकरी–रतनपुर मार्ग पर मंगलवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में 9 गौवंशों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक नंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल नंदी का उपचार गौरी गोपाल गौसेवा धाम, छतौना में कराया जा रहा है। हादसे के बाद गौसेवा से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, हादसा गतौरी के पास हुआ। दुर्घटना के बाद सड़क पर मृत पड़े गौवंशों का दृश्य बेहद मार्मिक था। सूचना मिलते ही गौसेवा से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे और घायल नंदी को उपचार के लिए गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा गया।
गौ सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर हाईवे पर गौवंशों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गौसेवा धाम से जुड़े लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। उनका कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
प्रशासन से की कई अहम मांगें
गौरी गोपाल गौसेवा धाम ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर फेंसिंग और सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं। जहां बार-बार ऐसी घटनाएं होती हैं, उन्हें गौ दुर्घटना संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाए। इन स्थानों पर गति सीमा तय कर चेतावनी संकेत लगाए जाएं। प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस और त्वरित रेस्क्यू टीम की व्यवस्था की जाए। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए पर्याप्त गौशालाएं, चारे और उपचार की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंशों के उपचार और संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाए।
‘सिर्फ हादसा नहीं, व्यवस्था सुधारने का संकेत’
गौरी गोपाल गौसेवा धाम ने कहा कि यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि गौ सुरक्षा के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक व्यवस्था की आवश्यकता का बड़ा संकेत है। संगठन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मिलकर ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
