रायपुर कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक कांड का बड़ा खुलासा: प्रोफेसर निकला मास्टरमाइंड, 11 हजार में बेचा प्रश्नपत्र; 6 गिरफ्तार, 2 की तलाश

रायपुर, 22 अगस्त 2026। रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि विश्वविद्यालय में एक नहीं, बल्कि दो प्रश्नपत्र लीक हुए थे। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का मास्टरमाइंड दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। मामले में कॉलेज के छात्रों की भी संलिप्तता सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें रवाना की थीं। पुलिस का दावा है कि महज 36 घंटे के भीतर पूरे पेपर लीक कांड का खुलासा कर दिया गया।
प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र का लिफाफा घर ले जाकर की छेड़छाड़
पुलिस के मुताबिक, आरोपी योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।
17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। सभी प्रश्नपत्रों के लिफाफे कॉलेज ले जाने के बाद आरोपी ने 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले गया।
सुई से लिफाफे में छेद कर बनाया वीडियो
जांच में सामने आया कि योगेश ने घर पर प्रश्नपत्र के लिफाफे के साथ छेड़छाड़ की। उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली।
इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार कर उसने इसे भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया।
एक के बाद एक छात्रों तक पहुंचा पेपर
पुलिस के अनुसार, अजय नायक ने लीक प्रश्नपत्र आगे त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया। इस तरह प्रश्नपत्र कई छात्रों तक पहुंच गया।
पुलिस ने जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका का पता लगाया और कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
11 हजार रुपये, 6 मोबाइल समेत कई सामान जब्त
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत कई सामान जब्त किए हैं।
मामले में अभी 2 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
दो प्रश्नपत्र लीक होने से बढ़ी मामले की गंभीरता
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि विश्वविद्यालय में एक नहीं बल्कि दो प्रश्नपत्र लीक हुए थे। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरे प्रश्नपत्र को किस तरह लीक किया गया और उससे कितने छात्र जुड़े थे।
36 घंटे में मामले का खुलासा होने के बाद अब विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
