सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात: बिना ब्याज मिलेगा अल्पावधि ऋण, CM साय ने लॉन्च की नई योजना

– ई-कोष से होगी पूरी डिजिटल प्रक्रिया, निजी साहूकारों और महंगे कर्ज से मिलेगी राहत; दो माह के पायलट में 27 हजार कर्मचारियों ने उठाया लाभ
रायपुर, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए वेतन के विरुद्ध बिना ब्याज अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ कर बड़ा तोहफा दिया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना के ब्रोशर का विमोचन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। यदि कर्मचारी आर्थिक तनाव से मुक्त रहेंगे तो शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और आम जनता तक उसका लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को अचानक आने वाली जरूरतों के लिए निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक कागजी कार्रवाई के आसानी से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त विभाग ने इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत कर पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया है। इस योजना से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त विभाग की टीम की सराहना करते हुए सभी कर्मचारियों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दे रही है। कैशलेस मेडिकल सुविधा के बाद अब यह योजना कर्मचारियों को तात्कालिक जरूरतों के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पायलट चरण के सिर्फ दो महीनों में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी ले चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिससे आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण की स्वीकृति और राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। वित्त विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।