छत्तीसगढ़ में ACB की बड़ी कार्रवाई: 1 लाख रुपये रिश्वत लेते जनपद CEO, बाबू और भृत्य रंगे हाथों गिरफ्तार


सक्ती/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले से भ्रष्टाचार की एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने सोमवार, 15 जून को एक बड़ी ट्रेप कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, उनके सहयोगी बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु को 1 लाख रुपये की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है।
एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पंचायत विभाग और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पंचायत विभाग और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।


क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज ने बिलासपुर एसीबी (ACB) दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई थी। अरुण भारद्वाज की माता जी ग्राम लिमतरा (जिला सक्ती) की सरपंच हैं।
योजना: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना।
स्वीकृत राशि: ग्राम पंचायत में निर्मल घाट और नाली निर्माण आदि कार्यों के लिए कुल 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।
विवाद की वजह: स्वीकृत राशि में से 8 लाख रुपये का चेक जनपद पंचायत सक्ती से पहले ही जारी हो चुका था। शेष बचे 12 लाख रुपये का चेक जारी करने के एवज में सरपंच प्रतिनिधि अरुण भारद्वाज ने जब सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर से निवेदन किया, तो काम के बदले मोटी रकम (रिश्वत) की मांग की गई।


रंगे हाथों पकड़े गए तीनों आरोपी
कार्रवाई के दौरान एसीबी ने न केवल रिश्वत की रकम बरामद की, बल्कि आरोपियों के हाथ भी केमिकल टेस्ट के जरिए रंगवाए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई। मामले में संलिप्तता पाए जाने पर:
जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, उनके सहयोगी बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु — जो इस लेनदेन में कथित तौर पर बिचौलिए या रकम ठिकाने लगाने का काम कर रहा था,तीनों को टीम ने हिरासत में ले लिया है।

पहले ही ले चुके थे 1 लाख, आज दूसरी किस्त लेते फंसे
शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि वह भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
पहली किस्त: शिकायत के सत्यापन के दौरान ही आरोपी बाबू अविनाश ठाकुर ने अपने कार्यालय के भृत्य (चपरासी) लच्छन भानु के माध्यम से 1 लाख रुपये की पहली किस्त पूर्व में ही ले ली थी।
आज की कार्रवाई: आज 15 जून को एसीबी ने जाल बिछाया। जैसे ही प्रार्थी अरुण भारद्वाज से आरोपी सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु ने अगली किस्त के रूप में शेष बचे 1 लाख रुपये लिए, एसीबी की टीम ने इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की टीम आरोपियों के ठिकानों और कार्यालयीन दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।

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