अग्निवीरों को 2 साल और सेना में सेवा का मौका, CM विष्णुदेव साय ने फैसले का किया स्वागत
केंद्र सरकार के ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ फैसले को मुख्यमंत्री ने बताया दूरदर्शी पहल; चार साल की सेवा के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल का विकल्प

रायपुर। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने सैन्य सेवा में आगे बढ़ने का एक और रास्ता खोल दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा यानी ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे युवाओं और देश की रक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से अग्निवीरों को शुरुआती चार साल की सेवा के बाद दो वर्ष तक और राष्ट्रसेवा करने का अवसर मिलेगा। उनके मुताबिक, इससे प्रशिक्षित युवाओं के अनुभव, कौशल और सामर्थ्य का देशहित में बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी जताया।
क्या है केंद्र सरकार का नया फैसला?
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से पहले की व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत को मेरिट के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल करने का प्रावधान बरकरार रहेगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा।
दो साल का यह अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना होगा। यानी अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित नियुक्ति स्वत: नहीं होगी, बल्कि चयन प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर होगी।
अनुभवी और प्रशिक्षित युवाओं का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्निवीरों को अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलने से युवाओं को सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया रास्ता मिलेगा। इससे सेना को भी ऐसे युवाओं की सेवाएं मिल सकेंगी, जिन्हें पहले से सैन्य प्रशिक्षण और कार्य का अनुभव प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवाओं का मनोबल बढ़ाने वाला है। इससे अग्निवीरों को अपने अनुभव और क्षमताओं को आगे विकसित करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल के नए फैसले से चार साल बाद सेवा जारी रखने और आगे नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का एक अतिरिक्त अवसर तैयार हुआ है।
