WhatsApp चैट से शुरू हुआ विवाद घर तक पहुंचा! पत्रकार के घर पहुंचीं भाजपा नेत्री, मारपीट और धमकी के आरोप
रायगढ़ में निजी बातचीत का संदेश गलती से भेजे जाने के बाद बढ़ा विवाद, पत्रकार का आरोप- करीब 10 लोगों के साथ घर पहुंचीं नेत्री, मां को भी आई चोटें; CCTV जांच की मांग

रायगढ़, 5 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में WhatsApp पर भेजे गए एक मैसेज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है। महिला पत्रकार पूजा जयसवाल ने भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी और उनके साथ पहुंचे करीब 10 लोगों पर घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। पत्रकार का कहना है कि घटना के दौरान उनके बच्चे बुरी तरह डर गए, जबकि उनकी मां को भी चोटें आई हैं।
पूजा जयसवाल के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक खबर WhatsApp के जरिए भेजने के दौरान हुई। उन्होंने भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी का नाम और फोटो देखकर उनसे संबंधित खबर नेत्री सहित एक अन्य व्यक्ति को भेजी थी। इसी दौरान उनकी किसी अन्य व्यक्ति से निजी बातचीत भी चल रही थी।
पत्रकार का दावा है कि मानसिक तनाव और जल्दबाजी में निजी बातचीत का एक संदेश गलती से खबर के साथ भाजपा नेत्री को भी चला गया। जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल स्थिति स्पष्ट की और बताया कि वह संदेश उनके लिए नहीं था, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के साथ निजी बातचीत का हिस्सा था। पूजा के अनुसार, उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ।
करीब 10 लोगों के साथ घर पहुंचने का आरोप
महिला पत्रकार का आरोप है कि इसी WhatsApp संदेश को लेकर भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी अपने करीब 10 साथियों के साथ उनके घर पहुंचीं। वहां कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और उनके साथ मारपीट करते हुए धमकियां दी गईं।
पूजा जयसवाल के मुताबिक, घटना के समय घर में उनके बच्चे भी मौजूद थे। अचानक हुए इस विवाद और कथित मारपीट से बच्चे बुरी तरह सहम गए। उनकी मां को भी चोटें आई हैं।
CCTV फुटेज से सामने आएगी सच्चाई?
घटना के बाद पूजा जयसवाल ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने घर और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच कर घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही मारपीट और धमकी देने के आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
फिलहाल यह पूरा मामला महिला पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी का पक्ष और मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। दोनों पक्षों का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
