छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार का मेगा मूवमेंट; पांच दिन में छह केंद्रीय मंत्री; राज्योत्सव से विकास योजनाओं तक बड़े एजेंडे पर नजर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिन राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच केंद्र सरकार के छह वरिष्ठ मंत्री प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। कोई राज्योत्सव के मंच से प्रदेश की मौजूदगी दर्ज कराएगा तो कोई ग्रामीण आवास, कृषि, खाद, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य और खनन से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रमों में शामिल होगा। इन दौरों का सबसे अहम पड़ाव 3 नवंबर को होगा, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होने रायपुर पहुंचेंगे।
केंद्रीय मंत्रियों के इस सिलसिले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार की कई प्रमुख योजनाएं केंद्र की वित्तीय और नीतिगत सहायता पर निर्भर हैं। ऐसे में एक के बाद एक केंद्रीय मंत्रियों के प्रवास के दौरान प्रदेश की लंबित जरूरतों, चल रही योजनाओं और नए प्रस्तावों पर चर्चा का रास्ता खुलेगा।
दौरे पर आने वाले मंत्रियों में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हैं।
बिलासपुर से रायपुर तक रहेगा केंद्रीय मंत्री का प्रवास
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार 30 और 31 अक्टूबर को रायपुर तथा बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। उनके प्रवास के दौरान सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के कल्याण और उनसे जुड़ी योजनाओं पर फोकस रहेगा। बिलासपुर प्रवास के कारण इस दौरे पर संभागीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
राज्योत्सव के मंच से केंद्र की मौजूदगी
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया राज्योत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके दौरे के साथ प्रदेश में रोजगार, श्रमिक कल्याण, ईएसआईसी अस्पतालों के विस्तार और खेल गतिविधियों से जुड़े विषय भी महत्वपूर्ण रहेंगे। छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के बाद खेल अधोसंरचना और आदिवासी युवाओं को अवसर देने का मुद्दा भी इस संदर्भ में अहम है।
24.50 लाख आवास और 15 हजार विशेष मकान का मुद्दा
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे में ग्रामीण विकास और प्रधानमंत्री आवास योजना प्रमुख विषय रहेंगे। प्रदेश में अब तक 24.50 लाख आवास स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं।
बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से ये योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार की कोशिश इन क्षेत्रों में आवास और ग्रामीण विकास से जुड़े कामों को गति देने की है।
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता भी अहम मुद्दा
केंद्रीय स्वास्थ्य, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा के दौरे के दौरान कृषि क्षेत्र और खाद की उपलब्धता पर भी ध्यान रहेगा। पिछले खरीफ सीजन में छत्तीसगढ़ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया और 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में केंद्र की भूमिका रही थी। इस बार भी अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
धान खरीदी के सीजन से ठीक पहले खाद की उपलब्धता और कृषि संबंधी जरूरतें राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में केंद्र के साथ समन्वय का यह मुद्दा किसानों के लिहाज से खास रहेगा।
एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे जी. किशन रेड्डी
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी 3 नवंबर को एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लेंगे। छत्तीसगढ़ जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में खनन प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, उनके कल्याण और खनन क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।
3 नवंबर को अमित शाह के दौरे पर सबसे ज्यादा नजर
पांच दिनों के इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रवास होगा। वे 3 नवंबर को रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्र सरकार की भूमिका और सुरक्षा बलों को मिलने वाले सहयोग के कारण उनका दौरा खास महत्व रखता है।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय लगातार महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में शाह के प्रवास को इन विषयों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
राज्योत्सव के बहाने केंद्र-राज्य समन्वय की परीक्षा
छह केंद्रीय मंत्रियों का पांच दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ पहुंचना केवल राज्योत्सव तक सीमित नहीं है। इन दौरों के एजेंडे में ग्रामीण आवास, कृषि, खाद, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, खेल, खनन और आंतरिक सुरक्षा जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के सामने इन केंद्रीय दौरों को ठोस नतीजों में बदलने की चुनौती भी रहेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मंत्रियों के प्रवास और बैठकों से प्रदेश को किन योजनाओं में अतिरिक्त सहायता, किन प्रस्तावों पर मंजूरी और किन विकास कार्यों में नई गति मिलती है।
