छत्तीसगढ़ में चिराग पासवान की एंट्री, चुनावी मैदान में उतरेगी LJP; रामविलास पासवान के पुराने जनाधार पर नजर, जल्द बनेगी राज्य इकाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में अब एक नया राजनीतिक खिलाड़ी सक्रिय होने जा रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP (रामविलास) ने छत्तीसगढ़ में चुनावी राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रायपुर में कहा कि उनकी पार्टी छत्तीसगढ़ में भी चुनाव लड़ेगी। साथ ही राज्य में पार्टी का संगठन मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
चिराग पासवान ने छत्तीसगढ़ को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए कहा कि यहां उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के समर्थकों की बड़ी संख्या रही है। इसी पुराने जनाधार को पार्टी अब अपने संगठन विस्तार का आधार बनाने की तैयारी में है।
रायपुर से चिराग का चुनावी संकेत
रायपुर दौरे के दौरान चिराग पासवान ने साफ संकेत दिया कि LJP (रामविलास) अब छत्तीसगढ़ में सिर्फ संगठनात्मक मौजूदगी तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी जल्द राज्य इकाई खड़ी करने और पदाधिकारियों की नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेगी।
इस ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ की चुनावी राजनीति में एक और दल की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं। हालांकि पार्टी कितनी सीटों पर और किस रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतरेगी, इसका विस्तृत खाका अभी सामने नहीं आया है।
रामविलास पासवान के जनाधार पर नजर
चिराग पासवान ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को छत्तीसगढ़ में पार्टी के विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में रामविलास पासवान के समर्थकों का आधार रहा है। पार्टी इसी नेटवर्क और अपने मौजूदा संगठन के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी।
दूसरे राज्यों के बाद छत्तीसगढ़ पर फोकस
LJP (रामविलास) पिछले कुछ समय से अलग-अलग राज्यों में संगठन विस्तार और चुनावी भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में भी पार्टी ने चुनावी तैयारी को लेकर बड़ा दावा किया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ने का ऐलान पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ में LJP (रामविलास) कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, किन इलाकों पर फोकस करेगी और उसका संगठन किन चेहरों के सहारे खड़ा होगा। इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में पार्टी की राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व की अगली घोषणाओं से सामने आएगा।
