एक कार, तीन बड़े चेहरे… कांग्रेस में क्या पक रहा है? महंत-सिंहदेव संग दिखे देवेंद्र यादव, BJP ने भूपेश पर साधा निशाना
भूपेश बघेल के खिलाफ बन रहा नया मोर्चा? अजय चंद्राकर बोले- कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब छिपी नहीं, गुटबाजी खुलकर आई सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सियासत में इन दिनों एक तस्वीर ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के साथ वरिष्ठ नेता चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के एक साथ नजर आने के बाद पार्टी के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि इस मुलाकात या साथ दिखने को लेकर कांग्रेस की ओर से किसी नए राजनीतिक समीकरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
देवेंद्र यादव के साथ चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव का साथ नजर आना ऐसे समय में चर्चा का विषय बना है, जब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर लगातार राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इस तस्वीर को लेकर अब सियासी गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस के भीतर किसी नए समीकरण की जमीन तैयार हो रही है?
BJP ने तुरंत पकड़ लिया सियासी एंगल
कांग्रेस के इस घटनाक्रम पर बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भूपेश बघेल के खिलाफ जोर लगाया जा रहा है।
गुटबाजी पर चंद्राकर का बड़ा हमला
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की कथित गुटबाजी और आपसी खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर का विवाद अब सतह पर दिखाई देने लगा है। उनके मुताबिक कांग्रेस नेताओं को प्रदेश के मुद्दों और जनता के हितों पर ध्यान देने के बजाय आपसी गुटबाजी में उलझे रहने से फुर्सत नहीं है।
क्या कांग्रेस में बन रहा नया पावर सेंटर?
देवेंद्र यादव, चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव का एक साथ नजर आना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि तीनों नेताओं की अपनी-अपनी राजनीतिक पहचान और प्रभाव है। ऐसे में इस तस्वीर ने कांग्रेस के भीतर भविष्य के नेतृत्व और राजनीतिक संतुलन को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
भूपेश कैंप के लिए क्या संकेत?
BJP के बयान के बाद इस घटनाक्रम को सीधे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस में कोई नया गुट या औपचारिक राजनीतिक मोर्चा आकार ले रहा है। तस्वीर ने सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं और आने वाले दिनों में नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
फिलहाल तस्वीर ही बनी चर्चा का केंद्र
कांग्रेस की ओर से इस तस्वीर को लेकर कोई ऐसा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे किसी नए राजनीतिक समीकरण की पुष्टि हो। लेकिन छत्तीसगढ़ की सियासत में अक्सर तस्वीरें भी बहुत कुछ कह जाती हैं। अब देखना यह होगा कि यह महज एक साथ नजर आने की घटना है या इसके पीछे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में किसी बड़े बदलाव की आहट छिपी है।
