CG-भाजपा नेता की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल: जमीन खाली कराने पहुंचे तहसीलदार को दिखाई रसूख की धौंस, बोले- किसने मां का दूध पिया है…
सूरजपुर, 25 जून 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रशासनिक अमले और राजनीतिक रसूख के बीच टकराव का एक बड़ा मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर जमीन का कब्जा (पजेशन) दिलाने पहुंचे तहसीलदार को एक भाजपा नेता ने सरेआम देख लेने और ताकत दिखाने की धमकी दे डाली। सत्ता के नशे में चूर नेताजी ने ऑन-ड्यूटी अधिकारी को उनकी औकात और ताकत तक याद दिला दी। अब इस पूरी बहस और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
32 साल पुराना ज़मीन विवाद, हाई कोर्ट से आया था फैसला
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद सूरजपुर के रहने वाले कुंजबिहारी साहू और रसूखदार अग्रवाल परिवार के बीच का है, विवादित जमीन खसरा नंबर 2170 और 2171 की कुल 13 डिसमिल जमीन है, इस कीमती जमीन पर साल 1994 से कांग्रेस के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद अग्रवाल, विमला अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल और रामू अग्रवाल का कब्जा था। पिछले 32 सालों से कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार हाई कोर्ट ने पीड़ित कुंजबिहारी साहू के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने डिक्री पारित करते हुए साफ आदेश दिया कि अग्रवाल परिवार को यह भूमि खाली कर वास्तविक मालिक को सौंपनी होगी।
कानूनी कार्रवाई करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी से अभद्रता
बीती 17 जून को हाई कोर्ट के इसी आदेश का पालन कराने और कुंजबिहारी साहू को उनकी जमीन का पजेशन दिलाने के लिए सूरजपुर तहसीलदार सूर्यकांत साय राजस्व अमले और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। तहसीलदार जब सुपुर्दगी की कानूनी प्रक्रिया पूरी करवा रहे थे, तभी वहां मौजूद पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद अग्रवाल के भतीजे और भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राजेश महलवाला अधिकारियों पर भड़क गए और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए विवाद शुरू कर दिया।
“हमारी ताकत नहीं जानते हो…” अधिकारी को दी खुली चुनौती
मौके पर मौजूद भाजपा नेता राजेश महलवाला ने मर्यादा की सारी हदें लांघते हुए तहसीलदार सूर्यकांत साय को सरेआम धौंस दिखाई। मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो के मुताबिक, नेताजी ने अधिकारी को धमकाते हुए कहा:
“आप हमें पहचानते नहीं हो, हमारी ताकत नहीं जानते हो। ताकत दिखाना होगा तो दिखा देंगे। पहले अपना बोलने का लहजा ठीक कर लीजिए। आप हमारे चाचा से किस तरह बात कर रहे हैं और हमें किनारे होने के लिए बोल रहे हैं? किसने मां का दूध पिया है, पजेशन लेकर दिखाए।”
इस तीखी और मर्यादित बहस के बीच तहसीलदार सूर्यकांत साय ने भी कड़ा रुख अपनाया और संयम रखते हुए जवाब दिया कि वे पूरी शालीनता और नियम के मुताबिक ही अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, उठ रहे सवाल
हाई कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाने और ऑन-ड्यूटी तहसीलदार को इस तरह सरेआम धमकी देने का यह मामला अब पूरे प्रदेश में टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। लोग सत्ता पक्ष के नेता के इस तानाशाही रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या छत्तीसगढ़ में अब नेताओं का रसूख देश की सबसे बड़ी अदालतों के आदेश से भी ऊपर हो गया है? फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।













