CG Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में माओवादी हिंसा के अंत का ‘आभार प्रस्ताव’ पारित; विपक्ष का वॉकआउट, CM साय बोले– “भाग रही कांग्रेस”

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में माओवादी हिंसा के अंत और बस्तर में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार, सुरक्षा बलों और संबंधित एजेंसियों के प्रति विशेष धन्यवाद प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया। चर्चा के बाद यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। हालांकि विपक्षी कांग्रेस ने इस चर्चा में हिस्सा नहीं लिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की समन्वित रणनीति अपनाई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की लगातार समीक्षा, पर्याप्त संसाधन और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय से माओवादी हिंसा के खिलाफ अभियान को निर्णायक गति मिली।
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2024 को रायपुर में माओवादी प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके तहत सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों को भी समानांतर गति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का पूरा फोकस “बस्तर रोडमैप 2.0” के जरिए क्षेत्र के समग्र और दीर्घकालिक विकास पर है।
कांग्रेस ने चर्चा से बनाई दूरी
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निर्देश पर कांग्रेस विधायकों ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग नहीं लिया।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी माओवादी हिंसा समाप्त करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अजय चंद्राकर, किरण सिंह देव, लता उसेंडी सहित कई सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री का विपक्ष पर निशाना
सदन की कार्यवाही के बाद पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब भी सदन में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होती है, कांग्रेस उससे दूरी बना लेती है। उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से मुक्ति पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के लोगों की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने भी माओवादी हिंसा में अपना नेतृत्व खोया है, इसलिए ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से बचना उचित नहीं है।
रमन सिंह बोले- विपक्ष सुनना ही नहीं चाहता
पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि विपक्ष माओवादियों के विरोध में कुछ सुनना ही नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति स्थापित होने के बाद सरकार ने केंद्र और सुरक्षा बलों के प्रति आभार प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे दौर भी देखे हैं जब एक साथ 65-65 जवान शहीद हुए और माओवादियों ने कई संचार टावरों को ध्वस्त किया था। ऐसे में राज्य में शांति की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है।
