LIVE UPDATE

Sleep Disorders Diseases : नींद पूरी नहीं होने पर हो जाती है इम्युनिटी कमजोर, देर से जागने से हो सकती ये गंभीर बीमारियां

Sleep Disorders Diseases: अच्छी हेल्थ सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, वही पर्याप्त नींद नहीं लेने की वजह से कई तरह की बीमारियां होने की खतरा बढ़ जाता है, अच्छी नींद शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है और विभिन्न बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करती है। इसलिए, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए रोजाना पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है,अगर नींद पूरी ना हो तो इन बीमारियों और दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए कितने घंटे की नींद जरूरी
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, रोज रात में देर से सोने से नींद का अभाव होने लगता है. दरअसल, जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है. इससे उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर गलत असर पड़ता है. इसलिए, एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।

ये खबर भी पढ़ें…
UPI से पैसा गलत खाते में चला गया? घबराने की नहीं जरूरत, इस प्रक्रिया से मिल सकता है रिफंड
UPI से पैसा गलत खाते में चला गया? घबराने की नहीं जरूरत, इस प्रक्रिया से मिल सकता है रिफंड
February 7, 2026
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान के दौर में UPI लोगों की पहली पसंद बन चुका है, लेकिन कई बार जल्दबाजी या...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मोटापा
अपर्याप्त नींद से वजन बढ़ने का खतरा अधिक होता है। नींद की कमी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (घ्रेलिन) के स्तर को बढ़ाती है और भूख को दबाने वाले हार्मोन (लेप्टिन) के स्तर को कम करती है, जिससे अधिक खाने की प्रवृत्ति होती है। यह ज्यादा खाने की प्रवृत्ति मोटापे का कारण बनती है और आपका वजन को बढ़ा देती है जिस वजह से कई और अन्य तरह की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

Weight loss Tips : जानिए एक महीने में कितना kg वजन कम करना सही होता है हेल्थ के लिए

ये खबर भी पढ़ें…
Dhurandhar 2 Trailer: हौसला, ईंधन, बदला…पहले पार्ट से भी ज्यादा खतरनाक है ‘धुरंधर-2’, रूह कंपा देंगे कई सीन्स
Dhurandhar 2 Trailer: हौसला, ईंधन, बदला…पहले पार्ट से भी ज्यादा खतरनाक है ‘धुरंधर-2’, रूह कंपा देंगे कई सीन्स
March 7, 2026
Dhurandhar 2 Trailer Out: धुरंधर फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है. फिल्म ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर आज 7...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Sleep Disorders Diseases: डायबिटीज का खतरा
शरीर का इंसुलिन रिलीज करना नींद की कमी से प्रभावित होता है. इंसुलिन एक हार्मोन है जो शरीर के ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्यूलेट करता है. जो लोग रोजाना पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते हैं उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।

दिमाग के फंक्शन पर बुरा असर पड़ता है
नींद की कमी का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है. नींद की कमी दिमाग के काम करने की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है. जब आप ठीक से सो नहीं पाते हैं तो आपके दिमाग की एकाग्रता बुरी तरह से प्रभावित होती है. ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है. इसका असर आपके काम और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकता है, दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है, और स्पष्ट रूप से सोचने और समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करने की आपकी क्षमता कम हो सकती है।

ये खबर भी पढ़ें…
दबंग आईपीएस का रोमांटिक अंदाज! IPS अंशिका को गोद में उठाकर डांस…सगाई हुई, रिंग पहनाकर गले लगाया; चल प्यार करेगी…गाने पर जमकर नाचे…Video Viral
दबंग आईपीएस का रोमांटिक अंदाज! IPS अंशिका को गोद में उठाकर डांस…सगाई हुई, रिंग पहनाकर गले लगाया; चल प्यार करेगी…गाने पर जमकर नाचे…Video Viral
March 28, 2026
IPS KK Bishnoi-Anshika Verma wedding: यूपी की चर्चित आईपीएस जोड़ी संभल के आईपीएस केके बिश्नोई (KK Bishnoi) और बरेली की एसपी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Health & Fitness : जानिए वो तीन कारण जिसकी वजह से उम्र से पहले कमजोर हो रही है रीढ़ की हड्डी

इम्युनिटी कमजोर हो सकती है
इम्युनिटी मजबूत रहे इसलिए नींद पूरी करना बेहद जरूरी है. नींद के दौरान, आपका शरीर साइटोकिन्स, प्रोटीन बनाता है जो इंफेक्शन और सूजन से लड़ने में मदद करता है. जब आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती है, तो आपके शरीर की सर्दी और फ्लू जैसी आम बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमज़ोर हो जाती है, जिससे आप बीमार होने के लिए अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

डिप्रेशन
नींद की कमी अवसाद और चिंता का कारण बन सकती है0 कर सकती है. सोने से मस्तिष्क भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करने वाले केमिकल्स का उत्पादन होता है. पर्याप्त नींद नहीं लेने से इन केमिकल्स का लेवल कम हो सकता है, जिससे डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ जाता है।

Related Articles