CG-पुलिस पर गंभीर आरोप: पूर्व एडिशनल एसपी के कमरे का ताला तोड़कर सामान ट्रक में लादा, बेमेतरा भेजा…एफआईआर की मांग
जांजगीर-चांपा / सक्ती। सक्ती जिले में पुलिस विभाग के भीतर ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सक्ती के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) हरीश यादव के बंद कमरे का ताला गैर-कानूनी ढंग से तोड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर वर्तमान में बेमेतरा में पदस्थ एडिशनल एसपी हरीश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत डीजीपी (DGP), आईजी (IG) और सक्ती एसपी से करते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (FIR) करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
एसपी हरीश यादव 7 जनवरी 2026 तक सक्ती जिले में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। वहां से उनका तबादला बेमेतरा हो गया। बेमेतरा में सरकारी आवास उपलब्ध न होने के कारण, उन्होंने अपना निजी सामान सक्ती के एसडीओपी (SDOP) दफ्तर परिसर के एक कमरे में ताला बंद करके रख दिया था। इस बात की जानकारी सक्ती के वर्तमान एडिशनल एसपी और रक्षित निरीक्षक (RI) को भी थी।

बिना अनुमति ताला तोड़ने का खुलासा
घटनाक्रम के अनुसार, 5 जून की दोपहर बेमेतरा में पदस्थ एसपी हरीश यादव को उनके पूर्व कर्मचारी किशन राज ने फोन पर सूचना दी कि साइबर सेल की टीम उनके कमरे का सामान कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। यह सुनते ही एसपी यादव ने सक्ती के आरआई (RI) उमेश राय से फोन पर बात की। आरआई राय ने उन्हें आश्वस्त किया था कि सामान तभी हटाया जाएगा, जब आपकी तरफ से कोई व्यक्ति (प्रतिनिधि) आएगा। यादव ने अगले दिन सुबह अपना आदमी भेजने की बात कही थी।
बिना लिस्टिंग और पंचनामा के सामान ट्रक में लादा
एसपी हरीश यादव अगले दिन की प्लानिंग कर ही रहे थे कि उसी शाम (5 जून) करीब 6:30 बजे सक्ती के *एसआई (SI) सीपी कंवर का उनके पास कॉल आया। एसआई कंवर ने उनसे कहा— “आपका पूरा सामान ट्रक में लोड हो चुका है। अब बस यह बता दीजिए कि इसे बेमेतरा में कहां खाली करना है?” इस बात पर एसपी हरीश यादव भड़क गए। उन्होंने गुस्से में पूछा कि उनकी अनुपस्थिति में किसके आदेश से ताला तोड़ा गया? जब उन्होंने सामान की लिस्टिंग, पंचनामा और वीडियोग्राफी के बारे में पूछा, तो जवाब मिला कि ऐसी कोई लिस्ट या फोटो-वीडियो नहीं बनाई गई है। फिलहाल सामान से लदा यह ट्रक बेमेतरा पुलिस लाइन में खड़ा करा दिया गया है।

पीड़ित एसपी की मांग: “कार्रवाई नहीं हुई तो जाऊंगा कोर्ट”
एसपी हरीश यादव ने मांग की है कि उनके परिवार की मौजूदगी में ही अब वीडियोग्राफी कराकर सामान का मिलान किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं कुछ चोरी तो नहीं हुआ है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर (SI) और साइबर सेल की टीम पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो वे सीधे कोर्ट की शरण में जाएंगे।
दूसरी तरफ: सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर का पक्ष
इस पूरे मामले पर सक्ती के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर का मीडिया से कहना है कि एसपी हरीश यादव का तबादला बेमेतरा हुए 6 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। सक्ती एक नया जिला होने के कारण यहां संसाधनों और जगह की अपनी सीमाएं हैं।

एसपी ठाकुर ने कहा—
“जब खुद का सामान है, तो उसे संभालने की जिम्मेदारी भी खुद की होनी चाहिए। आप किसी चालू सरकारी ऑफिस के कमरे में अपना निजी सामान रखकर ताला नहीं मार सकते और यह उम्मीद नहीं कर सकते कि उसे कोई छुएगा नहीं। ऑफिस को काम के लिए खाली कराना बेहद जरूरी था।”










