मौत के 4 महीने बाद खुला राज! सुसाइड नोट ने खोली पति की कथित प्रताड़ना की कहानी, FIR दर्ज

रायपुर। आरंग थाना क्षेत्र के राटाकाट गांव में महिला की आत्महत्या के करीब चार महीने बाद पुलिस ने उसके पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच में मिले सुसाइड नोट और परिजनों समेत अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर देवशरण निषाद को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक पार्वती निषाद (33) की मौत 2 अप्रैल की रात से 3 अप्रैल की सुबह के बीच उसके राटाकाट स्थित घर में फांसी लगाने से हुई थी। घटना के वक्त पार्वती अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती थी और किराना दुकान चलाती थी।
बताया गया कि घटना वाली रात उसका पति देवशरण काम के लिए घर से निकला था। वह अमेठी रोड स्थित बजरंग कैमिकल प्लांट में काम करता था। रात करीब 10 बजे वह ड्यूटी के लिए रवाना हुआ था। अगले दिन पार्वती कमरे में पंखे से कपड़े का फंदा लगाकर मृत मिली।
सुसाइड नोट ने बढ़ाया शक
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को पार्वती के पास से सुसाइड नोट मिला। इसके अलावा उसके पिता, मां, चाची, भाई, पड़ोसियों और ग्राम समाज प्रमुख समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों में पति पर प्रताड़ना और घरेलू विवाद से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए।
दूसरी महिला से बातचीत का भी आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि देवशरण कथित तौर पर अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और एक दूसरी महिला से बातचीत करता था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घरेलू बातों को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और देवशरण कथित रूप से पार्वती के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों और सुसाइड नोट के आधार पर पति के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
चार महीने बाद दर्ज हुई FIR
पार्वती की मौत के बाद पुलिस ने तत्काल मर्ग जांच शुरू की थी, लेकिन अपराध दर्ज करने में करीब चार महीने का समय लगा। इस दौरान पुलिस ने सुसाइड नोट, परिजनों और अन्य गवाहों के बयान समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पति पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
