सस्पेंड ब्रेकिंग; 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड; 7 दिन में मांगा आरोप पत्र
बिलासपुर में राजस्व कार्य के बदले रिश्वत लेने का मामला, जांच में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित; निलंबन के बाद कोटा एसडीएम कार्यालय बनाया गया मुख्यालय

बिलासपुर, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पर गाज गिरी है। सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसीलदार पचपेड़ी की जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने संबंधित पटवारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
मामला शासकीय राजस्व कार्य के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद तहसीलदार पचपेड़ी से इसकी जांच कराई गई। तहसीलदार ने 28 अक्टूबर को अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को निलंबित करने का आदेश जारी किया। आदेश में संबंधित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। आदेश के मुताबिक, इस कृत्य से शासन की छवि भी धूमिल हुई है।
पहले हल्का नंबर 14, फिर पचपेड़ी में थी पदस्थापना
पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पूर्व में पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी तैनाती तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में थी। रिश्वत के मामले में जांच प्रतिवेदन सामने आने के बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की।
सात दिन में आरोप पत्र पेश करने के निर्देश
निलंबन के साथ ही प्रशासन ने मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
फिलहाल, वायरल वीडियो की जांच के आधार पर पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद मामले में अगली कार्रवाई तय होगी।
