Rajpal Yadav Case: सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव को फटकार, जज बोले- फिल्मों की तरह पैसा भी ‘अता पता लापता, 1.5 करोड़ देने को राजी

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस और कर्ज मामले की बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में सख्त रुख अपनाया। कोर्ट में राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक स्थिति और फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए कथित भारी नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि वह अदालत के हर फैसले का सम्मान करेंगे।
सुनवाई के दौरान जज ने राजपाल यादव की फिल्मों का संदर्भ लेते हुए टिप्पणी की कि उनकी फिल्मों की तरह उनका पैसा भी ‘अता पता लापता’ है। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनकी सजा बढ़ाई भी जा सकती है।
‘लोगों का मनोरंजन करते-करते खुद ड्रामा बन गया’
सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखते हुए राजपाल यादव ने कहा कि लोगों का मनोरंजन करते-करते वह खुद एक तरह से ड्रामा बन गए हैं। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का जिक्र करते हुए दावा किया कि फिल्म में उन्हें करीब ₹17 करोड़ का नुकसान हुआ।
राजपाल के मुताबिक, फिल्म पर कुल रकम करीब ₹22 करोड़ तक पहुंच गई थी, लेकिन उन्हें फिल्म से कोई कमाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज किया जाना था, लेकिन वह थिएटरों में रिलीज नहीं हो सकी।
‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ जैसा मामला बताया
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने मामले की तुलना शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ‘द मर्चेंट ऑफ वेनिस’ से भी की। उन्होंने कहा कि वह अदालत के सामने अपनी बात रखने के लिए हमेशा तैयार हैं और अदालत जब चाहे, जहां चाहे उन्हें बुला सकती है।
राजपाल ने दावा किया कि शुरुआती विवाद करीब ₹5 करोड़ की रकम को लेकर था, लेकिन इसके कारण उनकी फिल्म और व्यवसाय को बड़ा नुकसान हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई और उनकी फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया गया।
‘16 साल में मेरी ब्रांडिंग और बदनामी हुई’
राजपाल यादव ने अपनी दलील में कहा कि इस विवाद का असर उनकी छवि और करियर पर भी पड़ा। उनके मुताबिक, पिछले करीब 16 वर्षों से उन्हें बदनामी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में संबंधित व्यक्ति ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बताते हुए रकम को लेकर चिंता नहीं जताई थी, लेकिन बाद में मामला अदालत तक पहुंच गया।
‘फिल्म बनाने के लिए लोन नहीं लिया जाता’
सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा कि फिल्मों के लिए आम तौर पर उसी तरह का लोन नहीं लिया जाता जैसा घर या जमीन के लिए लिया जाता है। उन्होंने फिल्म निर्माण को पैकेज डील या निवेश से जोड़ते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें अपने देश, सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर पूरा सम्मान और भरोसा है। उन्होंने कहा कि अदालत का जो भी फैसला होगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।
अदालत की सख्ती के बीच आगे की कार्रवाई पर नजर
मामले में राजपाल यादव की ओर से कुछ रकम चुकाने की बात भी सामने आई है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद अब आगे की न्यायिक कार्रवाई पर नजर है।
इस मामले में राजपाल यादव की ओर से किए गए दावे और अदालत में सामने आए तथ्यों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मामले में आगे होने वाली सुनवाई और अदालत के आदेश से स्थिति और स्पष्ट होगी।
