राघवेंद्र पटेल हत्याकांड: दो दोषियों को उम्रकैद, एक बरी, मुख्य आरोपी अब भी फरार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 24 जून 2026। जीपीएम जिले के बहुचर्चित राघवेंद्र पटेल हत्याकांड में अदालत ने पांच साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। मामले का एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
अदालत ने ऋषि रेदास और रविशंकर श्रीवास्तव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 और 120-बी के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में धारा 201/34 के तहत दोनों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भी दी गई है।
पहले गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर जला दिया शव
अभियोजन के अनुसार जून 2021 में मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उजवनडांड निवासी राघवेंद्र पटेल की सुनियोजित साजिश के तहत हत्या की गई थी। आरोपियों ने परिचय का फायदा उठाकर पहले राघवेंद्र को अपने जाल में फंसाया और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इस वारदात ने उस समय पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने खोली साजिश की परतें
पुलिस जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के समक्ष रखे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।मामले में आरोपी संतोष चौधरी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके, जिसके चलते अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया। वहीं इस हत्याकांड का एक अन्य आरोपी काजल कुमार मन्ना अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
पीड़ित परिवार को मिला न्याय
फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। लंबे समय से चर्चित इस हत्याकांड में आए फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
