CG में मनरेगा पर गरमाई सियासत: TS सिंहदेव का आरोप – गरीबों से छीना जा रहा रोज़गार का हक….सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
सिंहदेव
बिलासपुर, 10 जनवरी 2025. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस. सिंहदेव ने केंद्र सरकार की मनरेगा नीति पर तीखा हमला किया है, उन्होंने मनरेगा बचाव संग्राम के तहत बिलासपुर कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कि यह योजना देश के सबसे गरीब और वंचित वर्ग के लिए जीवनरेखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर कर गरीब मजदूरों से उनका अधिकार छीन रही है।
सिंहदेव ने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी मनरेगा ने करोड़ों मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार दिया। ऐसे में इस योजना को कमजोर करना सीधे तौर पर गरीबों के खिलाफ साजिश है।
उन्होंने 100 दिन से 125 दिन रोजगार देने के सरकारी दावे को “भ्रम फैलाने वाली चाल” बताया। सिंहदेव के अनुसार, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 70 प्रतिशत गांवों में अघोषित रूप से मनरेगा का काम बंद है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर बीते 11 वर्षों में औसतन मजदूरों को सिर्फ 38 दिन का ही काम मिल पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 100 दिन का रोजगार कभी दिया ही नहीं गया, तो 125 दिन का दावा किस आधार पर किया जा रहा है।
सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का कानूनी अधिकार था, लेकिन अब इसे प्रशासनिक सहायता योजना में बदला जा रहा है, जो पूरी तरह केंद्र सरकार की इच्छा पर निर्भर होगी। इससे मजदूरों की स्थिति अधिकार से हटकर सरकार की कृपा पर टिक जाएगी।
भाजपा पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सिंहदेव ने कहा कि “V.B.G.RAM.G.” योजना में भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। यह केवल “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” का फुल फॉर्म है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक बार फिर धार्मिक भावनाओं के सहारे जनता को गुमराह कर रही है।
सिंहदेव ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत हर परिवार को साल में न्यूनतम 100 दिन काम की कानूनी गारंटी थी, पूरे वर्ष काम की मांग की जा सकती थी, न्यूनतम मजदूरी तय थी और गांव में ही रोजगार मिलता था। मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी।
लेकिन नए मॉडल में मजदूरों की कानूनी गारंटी समाप्त कर दी गई है। काम केवल चुनिंदा गांवों में मिलेगा, फसल कटाई के समय रोजगार नहीं दिया जाएगा, मजदूरी सरकार तय करेगी और राज्य सरकारों को 40 प्रतिशत मजदूरी का बोझ उठाना होगा। इससे मजदूरों को काम न मिलने की आशंका और बढ़ गई है।
कांग्रेस का चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन
प्रेस कांफ्रेस के दौरान टी.एस. सिंहदेव साफ कहा कि यदि मनरेगा से मजदूरों का अधिकार छीना गया, तो इसे लेकर सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।











