PM आवास योजना 2.0: छत्तीसगढ़ में तेज हुई तैयारी, मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिए भूमि चिन्हांकन और हितग्राही चयन के निर्देश
रायपुर, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने सभी जिलों के कलेक्टरों को योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की पहचान, भूमि का सर्वेक्षण और आवासीय परियोजनाओं के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 भूमि टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराया जा सके।
आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र परिवारों का होगा सत्यापन
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आबादी भूमि पर निवास कर रहे पात्र परिवारों की पहचान कर उनका सत्यापन किया जाए और उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
शहरों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों का होगा आकलन
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों से कहा कि नगरीय निकायों में वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की आवासीय जरूरतों का भी आकलन किया जाए। इसके आधार पर ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में भी आवास की मांग को पूरा किया जा सके और लाभार्थियों को समय पर मकान उपलब्ध हों।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बनेगी व्यापक योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पात्र हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास निर्माण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि उपलब्धता और हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।

