नेशनल हाईवे पर सफर होगा आसान, छत्तीसगढ़ में अब हर 25 KM पर मिलेंगे हाई-स्पीड EV चार्जिंग स्टेशन; सरकार ने तय किए नए नियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच साय सरकार ने EV चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में दो और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 25 से 30 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए उपयुक्त जमीन और सड़कों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग सुविधा आसानी से उपलब्ध कराना और लंबी दूरी के सफर के दौरान चार्जिंग को लेकर होने वाली परेशानी को कम करना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगभग हर 25 किलोमीटर की दूरी पर EV चार्जिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए सड़क की चौड़ाई से जुड़ी शर्त भी तय की गई है। 30 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक चार्जिंग पॉइंट लगाए जा सकेंगे, लेकिन इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी आवश्यक होगी।
एक स्टेशन पर दो वाहन एक साथ चार्ज
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक चार्जिंग पॉइंट पर दो चार्जर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे एक समय में दो इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जा सकेंगे।
वहीं लंबी दूरी की यात्रा करने वाले EV वाहनों को ध्यान में रखते हुए हर 100 किलोमीटर पर हाई-स्पीड चार्जिंग सुविधा विकसित करने की व्यवस्था की गई है। इससे हाईवे पर सफर करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भूमि विकास नियमों में किया गया बदलाव
EV चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधनों की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
नए प्रावधानों के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं। इनमें CNG स्टेशनों और बड़ी इमारतों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
फायर और सुरक्षा NOC जरूरी
EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करने से पहले फायर ब्रिगेड और संबंधित सुरक्षा विभाग से NOC लेना अनिवार्य होगा। चार्जिंग स्टेशन पर लगाए जाने वाले उपकरणों और अन्य सामग्री को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित करना होगा।
चार्जिंग सुविधा संचालित करने वाली कंपनी या एजेंसी को स्टेशन पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति और मीटर की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
EV इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस कदम से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होने की उम्मीद है। खासतौर पर हाईवे और प्रमुख मार्गों पर नियमित अंतराल में चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने से लंबी दूरी के EV यात्रियों को सुविधा मिलेगी और प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
