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IAS की नौकरी छोड़ पॉलिटिक्स में रखेंगे कदम…! छत्तीसगढ़ के इस IAS ने VRS के लिए किया आवेदन, लड़ सकते हैं विधानसभा चुनाव


आईएएस नीलकंठ टेकाम जल्द नौकरी छोड़ सकते हैं। आईएएस नीलकंठ टेकाम ने आईएएस से वीआरएस लेने के लिए आवेदन कर दिया है। नीलकंठ टेकाम की सेवा अभी चार साल बची है, 20080बैच के आईएएस टेकाम अभी डायरेक्टर कोष और पेंशन हैं । वीआरएस आवेदन के साथ ही चर्चा है कि नौकरी छोड़कर नीलकंठ टेकाम अपनी सियासी पारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि ये अभी साफ नहीं हो पाया है कि वो वीआरएस लेकर किसी पार्टी को ज्वाइन करेंगे।

नीलकंठ टेकाम 2008 बैच के प्रमोटी आईएएस अफसर हैं। राज्य सरकार की हरी झंडी मिलते ही नीलकंठ टेकाम शासकीय बंधनों से आजाद हो जायेंगे। पिछली चुनाव में IAS ओपी चौधरी ने भी इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामा था, लेकिन खरसिया विधानसभा से उन्हें उमेश पटेल के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। चर्चा यही है कि नीलकंठ टेकाम भी वीआऱएस के बाद भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि साल 2018 में भी नीलकंठ टेकाम के चुनाव लड़ने की खबरें आयी थी, लेकिन उस वक्त भाजपा की तरफ से साफ संकेत नहीं मिलने की वजह से वो इस्तीफा देते-देते रह गये। लेकिन इस बार उन्होंने पहले से ही वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। सूत्रों की माने तो टेकाम बीजेपी ज्वाइन करेंगे और केशकाल सीट से चुनाव लडेंगे ।

नीलकंठ टेकाम ने बस्तर के कोंटा या फिर कोंडागांव के आलावा कांकेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। नीलकंठ टेकाम कांकेर जिले के अंतागढ़ के हीरामी गांव के रहने वाले हैं. वे पढाई-लिखाई के दौरान छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। कांकेर के सरकारी कॉलेज में वे छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आदिवासी होने के कारण उनका बस्तर इलाके में खासा प्रभाव है। भाजपा कोशिश में है कि एक और आईएएस अधिकारी को राजनीति के मैदान में उतारा जाए। हालांकि नीलकंठ टेकाम ने खुद इस मामले को लेकर अपना कोई पक्ष नहीं रखा है। जाहिर है उनके इस रुख से उनके राजनीति में प्रवेश की अटकलें सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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