EOW के बुलावे पर आज फिर नहीं पहुंचे IPS मुकेश गुप्ता, पूछताछ के लिए भेजा था नोटिस….वकील ने ये वजह बताकर मांगी एक महीने की मोहलत
नान घोटाला फोन टैपिंग मामले में निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता ने ईवोडब्लू को जवाब देने के लिए एक महीने का समय मांगा है | फोन टैपिंग मामले में जवाब देने के लिए आईपीएस गुप्ता को आज ईवोडब्लू के समक्ष पेश होना था, लेकिन आईपीएस गुप्ता के जगह उनके वकील पहुंचे हुए थे | आईपीएस मुकेश गुप्ता के वकील अमीन ने ईवोडब्लू के समक्ष मुकेश गुप्ता के आवेदन को रखकर एक महीने की मोहलत मांगी है।
आईपीएस मुकेश गुप्ता के वकील अमिन द्वारा ईवोडब्लू के समक्ष पेश की गई आवेदन में बताया गया है कि आईपीएस मुकेश गुप्ता अपनी बेटी के दाखिले के लिए एक माह तक बाहर रहेंगे, आगे लिखा है की एक माह के बाद जो भी तारीख का समय दिया जाएगा उस तारीख में आईपीएस गुप्ता आकर अपना बयान दर्ज कराएंगे |
बता दें कि इससे पहले भी आईपीएस मुकेश गुप्ता के वकील ने ईवोडब्लू से जवाब देने के लिए एक महीने का वक्त मांगा गया था, जिसे ईवोडब्लू ने एक महीने का छुट्टी देना संभव नहीं बताते हुए उनके वकील के मांग को ख़ारिज कर दिया था, और 6 जुलाई शनिवार को पेश होने को कहा था |
बता दें कि निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता पर फोन टैपिंग का गंभीर आरोप है। मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह पर वास्तविक साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए एसीबी और ईवोडब्लू के टीम ने कहा था कि आईपीएस मुकेश गुप्ता और एसपी रजनेश सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का सहारा लेकर दस्तावेज़ो में कूट रचना की गई है, इसके साथ ही पद का दुरूपयोग करते हुए लोक सेवा के हित में कार्य नहीं करते हुए किसी व्यक्ति को लाभ पहुंचने के लिए पद का दुरूपयोग किया गया है |
ये है मामला
12 फ़रवरी 2015 को ओडब्ल्यू और भ्रष्टाचार निवारक ब्यूरो की टीम ने नागरिक आपूर्ति निगम के कई अफसरों और कर्मचारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर सात करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त कर इस घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसमें रमन सरकार के दो मंत्री का नाम सामने आया था, इसके साथ ही कई अधिकारियों के नाम भी इस घोटाला में शामिल होना बताया जा रहा है |








