एक महीने से खाली CGPSC अध्यक्ष की कुर्सी; सरकार नहीं कर पाई फैसला….इंटरव्यू अटके, परीक्षा भी टली
छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं की बढ़ी परेशानी, न नया अध्यक्ष नियुक्त हुआ और न कार्यवाहक की जिम्मेदारी मिली; नवंबर तक की परीक्षाओं पर संकट, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में अध्यक्ष का पद एक महीने से अधिक समय से खाली है, लेकिन सरकार अब तक नए अध्यक्ष के नाम पर फैसला नहीं कर पाई है। नतीजा यह है कि आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं पर अनिश्चितता का साया गहराता जा रहा है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 265 पदों के लिए प्रस्तावित साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित है, वहीं पुलिस विभाग के 297 पदों के लिए प्रस्तावित परीक्षा भी टाल दी गई है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब भर्ती प्रक्रिया अपने अहम पड़ाव पर पहुंच चुकी है, तब आयोग में नेतृत्व की व्यवस्था कब बहाल होगी? हजारों अभ्यर्थी नई तारीखों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनके सामने इंतजार के अलावा कोई स्पष्ट विकल्प नजर नहीं आ रहा। अध्यक्ष पद खाली होने और परीक्षाओं के स्थगित होने की स्थिति ने सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक महीने से खाली कुर्सी, कार्यवाहक अध्यक्ष भी नहीं
CGPSC की पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 8 सितंबर 2026 को पदमुक्त हुई थीं। उनके पद से हटने के बाद आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्यवाहक अध्यक्ष की व्यवस्था भी नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
आयोग के कामकाज में अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े कई प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों के लिए नेतृत्व की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अध्यक्ष पद रिक्त रहने से निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हालांकि, आयोग ने विभिन्न परीक्षाओं और साक्षात्कारों को स्थगित करने के अपने आधिकारिक नोटिस में ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला दिया है। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी और सभी स्थगनों के बीच आधिकारिक रूप से घोषित सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं है। इसके बावजूद दोनों घटनाक्रमों के एक साथ सामने आने से भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा पर सवाल उठ रहे हैं।
265 पदों के इंटरव्यू स्थगित, अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजार
राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 20 विभागों में 265 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। मुख्य परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया 20 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित थी।
लेकिन आयोग ने सितंबर में ही इस कार्यक्रम को स्थगित करने की सूचना जारी कर दी। नई तारीखों की घोषणा अलग से किए जाने की बात कही गई थी। अब तक अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ी चिंता यही है कि साक्षात्कार कब शुरू होंगे और चयन प्रक्रिया कितने समय में पूरी हो सकेगी।
साक्षात्कार भर्ती का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण होता है। इस स्तर तक पहुंचने वाले उम्मीदवार लंबे समय से तैयारी करते हैं। ऐसे में तारीखों का अनिश्चित होना उनके आगे की योजना, दूसरी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी से जुड़ी उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है।
पुलिस भर्ती के 297 पदों की परीक्षा भी टली
भर्ती प्रक्रिया में देरी का मामला केवल राज्य सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं है। पुलिस विभाग में सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के पदों के लिए प्रस्तावित मुख्य परीक्षा भी स्थगित की गई है।
इस भर्ती के तहत 297 पदों के लिए परीक्षा 2 से 4 नवंबर 2026 के बीच प्रस्तावित थी। आयोग ने अक्टूबर में परीक्षा कार्यक्रम स्थगित करने की सूचना दी। नई तारीख घोषित होने तक अभ्यर्थियों को संशोधित समय-सारिणी का इंतजार करना होगा।
पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह अनिश्चितता परेशानी बढ़ाने वाली है। परीक्षा की तारीख तय होने के आधार पर अभ्यर्थी अपनी तैयारी, यात्रा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बनाते हैं। कार्यक्रम स्थगित होने के बाद उन्हें नई तारीख के अनुसार दोबारा योजना बनानी पड़ सकती है।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 40 पदों से जुड़ी परीक्षा स्थगित होने की जानकारी भी सामने आई है। इस तरह आयोग के सामने भर्ती कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
सदस्यों का एक पद भी खाली, नियुक्तियों पर उठ रहे सवाल
CGPSC में अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य का पद भी रिक्त बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोग में फिलहाल डॉ. प्रवीण वर्मा, सरिता उइके और संतकुमार नेताम सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
आयोग में रिक्त पदों को भरने और नेतृत्व की नियमित व्यवस्था बहाल करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भर्ती आयोग जैसे संस्थान में समय पर नियुक्तियां और स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी मानी जाती है, क्योंकि इसका असर केवल एक परीक्षा पर नहीं, बल्कि अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं और अभ्यर्थियों की समयसीमा पर भी पड़ सकता है।
CGPSC को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सियासी घमासान
आयोग में अध्यक्ष पद खाली रहने और भर्ती प्रक्रियाओं के स्थगित होने का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस ने इसे युवाओं को रोजगार देने के वादे से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए CGPSC भर्ती घोटाले का मुद्दा उठाया है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने युवाओं को रोजगार देने और भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने अध्यक्ष पद खाली होने, साक्षात्कार स्थगित होने और मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई है। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
भाजपा का पलटवार, पिछली सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में CGPSC में भ्रष्टाचार हुआ था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तत्कालीन आयोग अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को लेकर भी आरोप लगाए।
भाजपा का कहना है कि जिस पार्टी के शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे, उसे वर्तमान स्थिति पर राजनीति करने से पहले अपने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए।
इस तरह भर्ती आयोग की प्रशासनिक स्थिति को लेकर शुरू हुई बहस अब भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है। हालांकि, राजनीतिक बयानबाजी से अलग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता, पारदर्शिता और समय पर नई तारीखों की घोषणा की है।
युवाओं का सवाल—आखिर कब शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया?
CGPSC में अध्यक्ष पद रिक्त होने और कई भर्ती कार्यक्रमों के स्थगित रहने से अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल समयसीमा का है। राज्य सेवा परीक्षा के साक्षात्कार कब होंगे? पुलिस भर्ती की नई तारीख कब आएगी? और आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब होगी?
इन सवालों का जवाब सरकार और आयोग की ओर से स्पष्ट समय-सारिणी जारी होने के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल, भर्ती प्रक्रिया में आगे की तारीखों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सरकार के सामने अब आयोग में नेतृत्व की व्यवस्था बहाल करने, रिक्त पदों पर निर्णय लेने और प्रभावित भर्ती कार्यक्रमों को स्पष्ट समयसीमा के साथ आगे बढ़ाने की चुनौती है। युवाओं के लिए सबसे जरूरी यह है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी समय पर मिले और चयन के अगले चरण बिना अनावश्यक देरी के पूरे हो सकें।

