दिल्ली दौरे पर सीएम साय; PM मोदी की बैठक में रखेंगे छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल, बस्तर के विकास पर रहेगा विशेष फोकस
रायपुर, 9 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार शाम नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अपने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे और केंद्र सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ की विकास योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। उनके इस दौरे को राज्य के विकास और केंद्र से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री साय भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता नरेंद्र मोदी करेंगे। इस दौरान विभिन्न राज्यों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन मॉडल और विकास कार्यों की समीक्षा के साथ बेहतर प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान पर चर्चा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, जनहितकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करेंगे। साथ ही राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि राज्य में अधोसंरचना विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय 11 जून को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित नीति आयोग की बैठक में भी शामिल होंगे। इस बैठक में देशभर के राज्यों के विकास, आर्थिक प्रगति और भविष्य की विकास रणनीतियों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बस्तर संभाग के समग्र विकास को लेकर विशेष रूप से केंद्र का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार सृजन एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग भी रखी जा सकती है। यदि केंद्र सरकार से इस दिशा में सहयोग मिलता है तो बस्तर के विकास को नई गति मिल सकती है।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की भी संभावना है। इन बैठकों में राज्य से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं, लंबित प्रस्तावों, वित्तीय सहायता और केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा छत्तीसगढ़ के विकास एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

