छत पर लगा सोलर, बिजली बिल हुआ ZERO! 850 यूनिट ग्रिड को देकर ‘बिजली उपभोक्ता’ से ‘बिजली दाता’ बना परिवार
PM सूर्य घर योजना का असर: 1.08 लाख की डबल सब्सिडी से आलम साय ने लगाया रूफटॉप सोलर, साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी

रायपुर, 7 सितंबर 2026। कभी हर महीने 1,500 से 2,000 रुपये तक बिजली बिल चुकाने वाला परिवार अब बिजली बिल के बोझ से मुक्त हो गया है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा निवासी आलम साय रजवाड़े ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर न केवल अपना बिजली खर्च लगभग खत्म कर दिया, बल्कि अब अतिरिक्त बिजली पैदा कर उसे ग्रिड में भी पहुंचा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए इस सोलर संयंत्र से पिछले करीब साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा चुकी है।
2 हजार का बिल अब शून्य
आलम साय बताते हैं कि सोलर संयंत्र लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल करीब 1,500 से 2,000 रुपये तक आता था। लेकिन सौर ऊर्जा का इस्तेमाल शुरू होने के बाद पिछले साढ़े तीन महीने से उनका बिजली बिल शून्य है। वे कहते हैं, “पहले मैं बिजली उपभोक्ता था, लेकिन अब बिजली दाता बन गया हूं।”
सोलर से सबसे पहले घर की जरूरत की बिजली पूरी होती है। इसके बाद बची हुई बिजली विद्युत ग्रिड में चली जाती है। यानी परिवार खुद बिजली इस्तेमाल करने के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन में भी योगदान दे रहा है।
1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी ने आसान किया सोलर का रास्ता
आलम साय के मुताबिक सोलर संयंत्र लगाने के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता मिली। यानी कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी ने संयंत्र लगाने का आर्थिक बोझ काफी कम कर दिया।
उन्होंने बताया कि आवेदन से लेकर सोलर संयंत्र स्थापित होने तक की प्रक्रिया भी सुविधाजनक रही। योजना से मिले लाभ के बाद उन्होंने दूसरे पात्र बिजली उपभोक्ताओं से भी इसका लाभ लेने की अपील की है।
साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट बिजली ग्रिड को
सोलर संयंत्र का असर केवल बिजली बिल तक सीमित नहीं रहा। आलम साय के घर में घरेलू खपत के बाद भी पर्याप्त बिजली बच रही है।करीब साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा चुकी है। इससे उनका परिवार अब सिर्फ बिजली का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था का भी हिस्सा बन गया है।
सरगुजा में 1,733 घर बने ‘सोलर पावर हाउस’
विभागीय जानकारी के मुताबिक सरगुजा जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 1,733 घरों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इनमें 1,360 शहरी और 373 ग्रामीण घर शामिल हैं।
योजना के जरिए जिले में घरों की छतें अब सिर्फ धूप से बचने की जगह नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन के केंद्र में बदल रही हैं। इससे परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिल रही है और स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सरगुजा आगे बढ़ रहा है।
