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CG-प्राइवेट स्कूल पर राज्य सरकार का शिकंजा: ड्रेस और किताबों को लेकर सख्त निर्देश जारी, कलेक्टर्स करेंगे निगरानी


रायपुर, 24 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ शासन ने निजी स्कूलों द्वारा ड्रेस और किताबों को लेकर की जा रही मनमानी पर सख्ती दिखाई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देश में कहा गया है कि कई निजी स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए पालकों पर दबाव बना रहे हैं। साथ ही कुछ स्कूल विशेष दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  • प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को इन निर्देशों का करना होगा पालनकक्षा पहली से आठवीं तक निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है, यह सभी विद्यार्थियों को शिक्षा सुलभ कराने की दृष्टि से लागू किया गया है। अतः कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों हेतु एनसीईआरटी NCERT द्वारा प्रकाशित पुस्तकें लागू करवायें ताकि पालकों पर निजी पुस्तकों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।
  • कक्षा नवमी से 12 वीं के विद्यार्थियों हेतु किसी दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने हेतु बाध्य नहीं किया जाना सुनिश्चित करें।
  • गणवेश एवं स्टेशनरी किसी दुकान विशेष से खरीदने पालकों को बाध्य न किया जाना सुनिश्चित करें।
  • किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत के निपटारे हेतु एक पारदर्शी सिस्टम बनायें।
  • उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं करने वाले निजी विद्यालयों के विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

आदेश की इनको दी जानकारी

  • प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
  • विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, मंत्री स्कूल शिक्षा, छत्तीसगढ़
  • सचिव, छ.ग. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग
  • संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छग।

इसके अलावा, यदि इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो उसके समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

इसी प्रकार, सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई कराई जानी अनिवार्य है। शासन ने साफ निर्देश दिया है कि कक्षा पहली से आठवीं तक शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है, इसलिए इस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए केवल एनसीईआरटी की किताबें ही लागू कराई जाएं, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े।

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इसके अलावा, कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। साथ ही, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी के मामले में भी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी का दबाव न बनाया जाए।

cgnews24 Team

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