CG Ratanpur Navratri: मां महामाया के दरबार में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, महिला अफसरों के हाथ में सुरक्षा की कमान

बिलासपुर। मां महामाया के जयकारे, हाथों में ध्वजा और आंखों में दर्शन की आस… शारदीय नवरात्र की सप्तमी की रात रतनपुर में आस्था का बड़ा जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मां महामाया के दरबार पहुंचेंगे। भक्तों की भारी आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारी तेज कर दी है। खास बात यह है कि सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में संभाली जा रही है। जमीन पर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, तो आसमान से ड्रोन कैमरे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। पुलिस का फोकस पदयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही, भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा कम करने पर है।
नवरात्र के दौरान रतनपुर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही पुलिस के सामने यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी रहती है। इसे देखते हुए सुरक्षा बल की तैनाती के साथ प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जमीन पर जवान, आसमान से ड्रोन की निगरानी
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन कैमरों की भी अहम भूमिका रहेगी। पुलिस जमीन पर तैनात रहकर भीड़ की निगरानी करेगी, वहीं ड्रोन के जरिए आसपास के क्षेत्रों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई करना है।
पुलिस की निगरानी केवल मां महामाया मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहेगी। भैरव बाबा, लखनी देवी और राम टेकरी में भी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि इन धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
ASP मधुलिका सिंह और SDOP नूपुर उपाध्याय ने क्या बताया?
सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहीं एएसपी मधुलिका सिंह और एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने मीडिया से चर्चा में बताया कि शारदीय नवरात्र के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां महामाया के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। इसके अलावा भैरव बाबा, लखनी देवी और राम टेकरी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को परेशान करने, अवैधानिक गतिविधियों में शामिल होने या व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भक्तों की आस्था, पुलिस की जिम्मेदारी
सप्तमी की रात रतनपुर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था और विश्वास से जुड़ी है। कोई मां के जयकारे लगाते हुए पैदल आगे बढ़ेगा, तो कोई परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचेगा। ऐसे में भीड़ के बीच सुरक्षित आवाजाही और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मां महामाया के दरबार में उमड़ने वाली भीड़ के बीच पुलिस की नजर हर गतिविधि पर रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल, महिला अधिकारियों की निगरानी और ड्रोन कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी।
