CG-मंत्री गजेंद्र यादव लेंंगे बैठक: ऑनलाइन अटेंडेंस, युक्तियुक्तकरण सहित इन मुद्दों पर बड़ी समीक्षा…सचिव, DPI, संयुक्त संचालक व DEO की उपस्थिति अनिवार्य
रायपुर, 19 जून 2026। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव 23 जून को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में विभाग से जुड़े 15 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दोपहर तीन बजे से शुरू होने वाली इस बैठक को नए शैक्षणिक सत्र के लिए विभागीय रोडमैप तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत, पाठ्य पुस्तकों, गणवेश और साइकिल वितरण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विद्यालय संचालन के लिए जारी राशि के उपयोग और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की स्थिति पर भी चर्चा होगी।

अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक व्यवस्था और शिक्षकों की VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। संभागीय संयुक्त संचालक, डीईओ और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देशों के पालन की भी जांच होगी।
बैठक में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों और विद्यालयों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। युक्तियुक्तकरण के बाद कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई और लंबित पदोन्नति मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है।

इसके अलावा e-HRMS (CG School) और CCMS पोर्टल में अद्यतन प्रविष्टियों, भवनविहीन, विद्युतविहीन और शौचालयविहीन विद्यालयों की स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, लंबित पेंशन प्रकरणों, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन समितियों के गठन की भी समीक्षा की जाएगी।
UDISE पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रोग्रेशन एंट्री समय पर कराने और डाटा अपडेट रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभागीय जानकारों के अनुसार यह बैठक केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नए शिक्षा सत्र के लिए विभागीय प्राथमिकताओं और जवाबदेही तय करने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।










