CG में बड़ा एक्शन: कांग्रेस नेता भागवत थवाईत समेत 3 जिला बदर, एक साल तक जिले की सीमा से बाहर रहेंगे

बलौदाबाजार, 22 सितंबर 2026। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगातार आपराधिक मामलों में नाम सामने आने वाले तीन लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। कसडोल क्षेत्र के कांग्रेस नेता एवं पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष भागवत थवाईत, संतोष थवाईत और अशोक अंजान को एक साल के लिए जिला बदर किया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक गौरव राय के प्रतिवेदन और मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। आदेश के बाद तीनों को निर्धारित अवधि तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सीमा से बाहर रहना होगा।
हत्या के प्रयास से आर्म्स एक्ट तक, कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ कसडोल थाना और सिटी कोतवाली क्षेत्र में अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज रहे हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के मामले शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने लगातार आपराधिक गतिविधियों और दर्ज मामलों को आधार बनाते हुए तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
सुनवाई के बाद जिला बदर का आदेश
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर जिला दंडाधिकारी के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद प्रशासन ने भागवत थवाईत, संतोष थवाईत और अशोक अंजान को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया। इस अवधि में तीनों को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सीमा में रहने की अनुमति नहीं होगी।
कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस का सख्त रुख
पुलिस के मुताबिक, लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। पुलिस ने संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि जिला बदर की कार्रवाई किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंधात्मक प्रशासनिक आदेश होती है और इसे दर्ज आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि के रूप में नहीं माना जाता।
