CG Electricity Big Update: 1 सितंबर से बिजली कनेक्शन के लिए Aadhaar e-KYC अनिवार्य, जानिए कैसे होगा सत्यापन
छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर! घर बैठे भी करा सकेंगे e-KYC, आधार की फोटो कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं

बिलासपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली कनेक्शन के लिए आधार e-KYC अनिवार्य करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। यानी अब बिजली कनेक्शन से जुड़ी उपभोक्ता पहचान के सत्यापन के लिए आधार आधारित e-KYC जरूरी होगी।
खास बात यह है कि उपभोक्ताओं को e-KYC के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। उपभोक्ता घर बैठे ‘मोर बिजली’ एप के माध्यम से स्वयं e-KYC कर सकेंगे। इसके अलावा संबंधित वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में भी सत्यापन की सुविधा रहेगी।
मीटर रीडर घर पहुंचकर करेगा e-KYC
उपभोक्ताओं को तीसरा विकल्प भी दिया गया है। संबंधित मीटर रीडर मोबाइल एप के जरिए उपभोक्ता के घर पहुंचकर e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
e-KYC के लिए आधार ऑथेंटिकेशन सर्विस का इस्तेमाल किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया में जरूरत के अनुसार OTP, फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्पों का उपयोग किया जा सकेगा।
आधार की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं
कंपनी ने उपभोक्ताओं को खास तौर पर स्पष्ट किया है कि e-KYC के नाम पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा नहीं कराई जाएगी।
कर्मचारी आधार कार्ड का अवलोकन कर मोबाइल एप में आवश्यक जानकारी दर्ज करेंगे। आधार की प्रति यदि किसी वजह से ली भी जाती है तो उसे उपभोक्ता को वापस करना अनिवार्य होगा।
सबसे राहत की बात यह है कि e-KYC की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। इसके लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आधार और बिजली कनेक्शन के नाम का मिलान जरूरी
e-KYC के दौरान आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता के नाम का मिलान किया जाएगा।
- 100% नाम मिलान होने पर e-KYC सफल मानी जाएगी।
- 85 से 99.99% तक मिलान होने पर कार्यालय प्रभारी की स्वीकृति के बाद आधार में दर्ज नाम स्वीकार किया जा सकेगा।
- 85% से कम मिलान होने पर उपभोक्ता को पहले नाम में आवश्यक सुधार या परिवर्तन कराना होगा।
e-KYC सफल होने की जानकारी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजी जाएगी।
नाम सुधार के लिए नहीं लगेगा शुल्क
अगर बिजली कनेक्शन में केवल नाम की गलती सुधारनी है और कनेक्शन के स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, तो उपभोक्ता से प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होंगे।
लेकिन अगर नाम में बदलाव के साथ बिजली कनेक्शन के स्वामित्व का हस्तांतरण भी किया जा रहा है, तो निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
1 सितंबर से पहले कर लें ये काम
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि 1 सितंबर 2026 से पहले अपने आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम की जांच कर लें।
अगर दोनों रिकॉर्ड में नाम अलग-अलग है, तो समय रहते जरूरी सुधार करा लेना बेहतर होगा। इससे e-KYC के दौरान होने वाली परेशानी और देरी से बचा जा सकेगा।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बातें
e-KYC की शुरुआत: 1 सितंबर 2026 से
प्रक्रिया: पूरी तरह निशुल्क
ऑनलाइन विकल्प: ‘मोर बिजली’ एप
ऑफलाइन विकल्प: वितरण केंद्र/जोन कार्यालय
घर पर सुविधा: मीटर रीडर के माध्यम से
आधार की फोटो कॉपी: जमा नहीं करनी होगी
सत्यापन: OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन
यानी 1 सितंबर से बिजली कनेक्शन के साथ आधार सत्यापन भी जरूरी होगा। ऐसे में उपभोक्ता अभी से अपने बिजली कनेक्शन और आधार में दर्ज नाम का मिलान जरूर कर लें।
