अमित जोगी के खिलाफ भाजपा की शिकायत, सोशल मीडिया पोस्ट और कथित झूठी FIR को लेकर जांच की मांग
रायपुर, 8 जून 2026। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और बाद में झूठी एफआईआर दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
भाजपा आईटी सेल के प्रदेश कार्यालय सहमंत्री शैलेश दीक्षित ने रविवार को सिविल लाइन थाना पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।

बकरीद की शुभकामना पोस्ट बनी विवाद की वजह
भाजपा की शिकायत के अनुसार, 27 मई 2026 को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के अवसर पर अमित जोगी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक शुभकामना पोस्ट में बकरी के साथ गाय का चित्र भी प्रदर्शित किया गया था। भाजपा नेताओं का आरोप है कि पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद संबंधित पोस्ट को हटाकर दूसरी तस्वीर साझा की गई, जिसमें गाय का चित्र नहीं था।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ताओं की माने तो विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने स्वयं को निर्दोष साबित करने के लिए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के एक थाने में कथित तौर पर झूठी और मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज कराई। भाजपा नेताओं ने इसे पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बताया है।

डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की मांग
भाजपा ने पुलिस से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सर्वर रिकॉर्ड, पोस्ट की एडिट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मूल पोस्ट में क्या सामग्री थी और बाद में उसमें कोई बदलाव किया गया या नहीं।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो धार्मिक भावनाएं आहत करने, साक्ष्य मिटाने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और लोक सेवक को झूठी सूचना देने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने शुरू किया परीक्षण
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










