बिलासपुर SSP का सख्त एक्शन: सिरगिट्टी टीआई और विवेचना अधिकारी लाइन अटैच, रेप केस में जांच में लापरवाही पर हुई कार्रवाई…TI-SI के भी हुए तबादले
बिलासपुर, 15 जून 2026. बिलासपुर में दो मासूम बच्चियों से रेप के मामले की जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और मामले की विवेचना कर रही उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निरीक्षक कमला पुसाम को पचपेड़ी थाने का प्रभार दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय एक नाबालिग पर आरोप है कि उसने चॉकलेट देने का लालच देकर सात साल की दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया । घटना के बाद जब परिजनों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो वह फरार हो गया। पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग से शिकायत की थी।

जांच में क्या मिली लापरवाही?
मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि थाना प्रभारी अभय सिंह बैस घटनास्थल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। वहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत ऐसे गंभीर मामलों में अनिवार्य रूप से बुलाए जाने वाली “सीन ऑफ क्राइम यूनिट” को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक माना गया है।
सीएसपी को सौंपी गई जांच
एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सके।

विवेचना अधिकारी पर भी कार्रवाई
मामले की जांच कर रही उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल पर भी घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। पुलिस विभाग ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र भेज दिया है।


थानों में नई जिम्मेदारियां
प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग ने अस्थायी पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने भेजा गया है, जबकि निरीक्षक कमला पुसाम को पचपेड़ी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पचपेड़ी में पदस्थ उप निरीक्षक राज सिंह का तबादला सिरगिट्टी थाने किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
पीड़ित पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित बच्चियों की मां ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय उसकी मां से बातचीत में लगी रही। गिरफ्तारी में देरी पर विरोध के बाद ही पुलिस आरोपी को थाने लेकर आई।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर एएसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को भी लाइन अटैच किया गया था। परिजनों ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में देरी, सबूत नहीं जुटाने, आरोपी को वीआईपी सुविधा देने और समझौते के लिए मानसिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
SSP का सख्त संदेश
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि महिला और बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में जांच संबंधी तय प्रक्रियाओं की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।









