CG-कॉलेज बंक करना पड़ेगा भारी! 75% से कम अटेंडेंस तो परीक्षा से आउट, पैरेंट्स को जाएगा फोन, जानें क्या है नियम?

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बेहद अहम खबर है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाई और अनुशासन का ढर्रा पूरी तरह बदलने जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने एक सख्त एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है, जिसके तहत अब कॉलेजों में केवल दाखिला लेकर गायब रहने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम पाई जाती है, तो कॉलेज प्रबंधन सीधे उनके अभिभावकों (पैरेंट्स) से संपर्क करेगा। इतना ही नहीं, अटेंडेंस कम होने पर छात्रों को मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी और उनके परीक्षा आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।

रोजाना 7 घंटे लगेंगे कॉलेज, 1 घंटे का होगा एक पीरियड
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत अब कॉलेजों के संचालन के समय में भी बदलाव किया गया है। अब सभी कॉलेजों को प्रतिदिन न्यूनतम 7 घंटे संचालित करना अनिवार्य होगा। पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रत्येक पीरियड की अवधि 1 घंटे (60 मिनट) निर्धारित की गई है। इसके साथ ही छात्रों के सतत मूल्यांकन (Continuous Evaluation) पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि परीक्षा के समय छात्रों पर अचानक मानसिक दबाव न बने।
यूनिवर्सिटी ने जारी किए सख्त निर्देश
इस संबंध में अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी, बिलासपुर के सहायक कुल सचिव (परीक्षा) ने संबद्ध कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि मुख्य परीक्षा में केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को शामिल होने का मौका मिलेगा, जिनकी उपस्थिति नियमों के दायरे (75% या उससे अधिक) में होगी।

शैक्षणिक संवाद मजबूत करना है मुख्य उद्देश्य:
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन कड़े नियमों का उद्देश्य केवल अनुशासन थोपना नहीं है, बल्कि छात्रों, कॉलेज और उनके परिवार के बीच एक मजबूत शैक्षणिक संवाद स्थापित करना है। नियमित कक्षाएं लगने से कॉलेजों का माहौल सुधरेगा और छात्र समय पर अपना सिलेबस पूरा कर सकेंगे।









