CG में बड़ा बदलाव: व्यापम अब कर्मचारी चयन आयोग के अधीन, ग्रुप C-D भर्ती पर फोकस
रायपुर 18 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने का फैसला लिया है। अब तक विभिन्न परीक्षाओं और भर्तियों का जिम्मा संभालने वाला व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) जल्द ही समाप्त हो जाएगा और उसकी जगह छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 तैयार कर लिया है।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों पर रहेगा फोकस
नए मंडल के गठन के बाद राज्य के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्तियां इसी के माध्यम से की जाएंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सरकार का मानना है कि एक केंद्रीकृत तंत्र के जरिए भर्तियों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सकेगी और प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी।
हर साल 30 करोड़ का अतिरिक्त भार
इस नए मंडल के गठन से राज्य सरकार पर हर साल लगभग 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। हालांकि, सरकार इसे प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम मान रही है।
पूरी प्रक्रिया पर रहेगा मंडल का नियंत्रण
नए कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्यों पर व्यापक अधिकार दिए जाएंगे। इसमें पुरानी प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर समग्र प्रवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण शामिल रहेगा। इससे भर्ती से जुड़े विवादों और अनियमितताओं पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की होगी नियुक्ति
मंडल की संरचना भी उच्च स्तर की रखी गई है। इसके अध्यक्ष प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी होंगे, जबकि संयुक्त सचिव स्तर के तीन अधिकारी इसमें सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा उप सचिव/सचिव स्तर का अधिकारी मंडल का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होगा, जो सचिव की जिम्मेदारी संभालेगा।
अधिसूचना के साथ ही समाप्त होगा व्यापम
सरकार जैसे ही इस अधिनियम को राजपत्र में प्रकाशित कर लागू करने की अधिसूचना जारी करेगी, वर्तमान में अस्तित्व में मौजूद व्यापम स्वतः समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी भर्ती प्रक्रियाएं नए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से संचालित होंगी।










