PWD में बड़ा एक्शन मोड: 31 मार्च 2027 तक पूरे करने होंगे पुराने काम, लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही पर अब सख्ती का रुख अपनाया है। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने रायपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत निर्माण कार्य 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने समय-सीमा का पालन नहीं करने और गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।
नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में सचिव ने रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत, निर्माणाधीन और प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी ली।
काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं
सचिव बंसल ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड का दौरा कर और वास्तविक साइट की स्थिति देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार किए जाएं।
उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार काम पूरा कराने को कहा। साथ ही लापरवाही बरतने, तय समय पर काम पूरा नहीं करने और गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर महीने होगा काम का मूल्यांकन
सचिव ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का नियमित मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया जाए, ताकि परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
तीन साल से एक ही टेबल पर जमे कर्मचारियों का होगा तबादला
बैठक में विभागीय व्यवस्था में कसावट लाने के लिए भी अहम निर्देश दिए गए। राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितंबर तक नई पदस्थापना करने को कहा गया।
रायपुर और नवा रायपुर में बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों के कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने के निर्देश भी दिए गए।
PWD-IMS में सभी कामों की एंट्री 31 अगस्त तक
सचिव ने PWD-IMS में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक पूरा करने को कहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी से जुड़े प्रकरणों का भी निर्धारित समय-सीमा में सक्रियता से निराकरण करने को कहा गया।
पांच साल की सड़क जरूरत का बनेगा प्लान
सचिव बंसल ने जनसुविधा और नागरिकों की जरूरत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उनका जोर ऐसी योजनाएं तैयार करने पर रहा, जिससे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सड़क अधोसंरचना विकसित की जा सके।
मानसून में गड्ढे और सड़क मरम्मत तत्काल
मानसून सीजन को देखते हुए उन्होंने सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढों को भरने का काम तत्काल कराने के निर्देश दिए। परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों में खराबी पाए जाने पर ठेकेदारों को नोटिस देकर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
फाइनल बिल के लिए भी बनेगी SOP
निर्माण कार्यों में भुगतान की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सचिव ने नई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। काम पूरा होने के बाद तीन महीने के भीतर फाइनल बिल तैयार करने और ठेकेदारों को भुगतान सुनिश्चित करने के लिए SOP तैयार की जाएगी।
उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों से संबंधित बिलों का भुगतान भी ठेकेदारों को एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता पी.एम. कश्यप और टी.आर. कुंजाम, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता वी.के. बेदिया और सुरेश भूपल सहित रायपुर परिक्षेत्र के सभी नौ संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
