अब जनता के साथ बैठकर खाना खाएंगे BJP विधायक! दिवाली पर जनता के साथ भोजन करेंगे विधायक, छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी बोलीं- दूरियां मिटाएं

रायपुर। दिवाली की थाली से छत्तीसगढ़ की सियासत साधने की तैयारी है। भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने विधायकों को ऐसा टास्क दिया है, जो त्योहार के बहाने जनता से सीधा जुड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। निर्देश है कि इस दिवाली विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के साथ भोजन करें। इस भोज में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों तक को शामिल करने पर जोर दिया गया है। संदेश साफ है—सिर्फ मंच से भाषण नहीं, जनता के बीच पहुंचकर संवाद भी करना होगा।
रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन स्मृति ईरानी ने विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक की। बैठक में दिवाली के दौरान जनसंपर्क का यह फॉर्मूला सामने आया। इसके जरिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच दूरी कम करने, कार्यकर्ताओं से संपर्क मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
दिवाली के भोज से जनता तक पहुंचने की रणनीति
स्मृति ईरानी ने विधायकों से कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में दिवाली के अवसर पर जनता के साथ भोजन करें। इसमें स्थानीय लोगों के साथ बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाए। भोजन के दौरान जनप्रतिनिधियों को लोगों से सीधे बातचीत करने और उनकी समस्याएं सुनने का अवसर मिलेगा।
भाजपा के लिए यह पहल केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है। विधानसभा चुनाव 2028 को ध्यान में रखते हुए पार्टी के सामने सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, संगठन को सक्रिय रखने और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क मजबूत करने की चुनौती भी है। ऐसे में दिवाली के भोज को जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या विधायकों से जनता की दूरी की शिकायतें मिली थीं?
दौरे के पहले दिन हुई बैठकों के दौरान कुछ मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी सामने आने की चर्चाएं थीं। बताया गया कि जनता से दूरी और कार्यकर्ताओं की अनदेखी जैसे मुद्दे भी उठे। हालांकि, इन शिकायतों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
ऐसे में दिवाली पर जनता के साथ भोजन करने का निर्देश संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच संपर्क बढ़ाने की कवायद के रूप में महत्वपूर्ण है। इसका वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि विधायक अपने क्षेत्रों में लोगों से कितना संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
नौ घंटे की बैठक में 2028 चुनाव की तैयारी पर मंथन
स्मृति ईरानी के दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश कार्यालय में करीब नौ घंटे तक मैराथन बैठकों का दौर चला। इन बैठकों में प्रदेश महामंत्री, संगठन के पदाधिकारी, संभाग और जिला प्रभारी, पूर्व सांसद तथा पूर्व विधायक शामिल हुए।
बैठकों में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारी और सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। स्मृति ईरानी ने पार्टी नेताओं से एकजुट होकर काम करने और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। संगठनात्मक बैठकों का केंद्र यही रहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे और पार्टी का जमीनी नेटवर्क मजबूत बना रहे।
बैठक के बाद ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी हुईं शामिल
पहले दिन की बैठकों के बाद स्मृति ईरानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ अभनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुईं।
दो दिवसीय दौरे के दौरान संगठन के विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों और विधायकों को दिए गए निर्देशों से भाजपा की आगामी चुनावी तैयारी में जनसंपर्क की भूमिका रेखांकित हुई है। दिवाली पर जनता के साथ भोजन करने का टास्क अब विधायकों के लिए इस रणनीति को जमीन पर उतारने की परीक्षा भी होगा।
अब निगाह इस पर रहेगी कि दिवाली के दौरान कितने विधायक अपने क्षेत्रों में जनता के साथ बैठकर भोजन करते हैं और यह पहल महज आयोजन बनकर रह जाती है या लोगों की समस्याएं सुनने तथा उनके समाधान का माध्यम भी बनती है।
