एक फर्जी फॉर्म… बदला मोबाइल नंबर… फिर गायब हो गए 14.97 लाख! बैंक मैनेजर पर लगे गंभीर आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर में बैंक के अंदर से ही ग्राहक के खाते में सेंधमारी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवेंद्र नगर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में ग्राहक की जानकारी और सहमति के बिना मोबाइल नंबर बदलकर उसकी 14.40 लाख रुपये से अधिक की FD समय से पहले तुड़वा दी गई। इसके बाद रकम को खाते में जमा कर अन्य राशि के साथ मिलाकर करीब 14.97 लाख रुपये एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
मामले में बैंक के ही उप प्रबंधक कुलदीप सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद गंज थाना पुलिस ने कुलदीप सिंह और इंडियन सेल्स के संचालक योगेश येडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म से शुरू हुआ पूरा खेल
गंज थाना पुलिस के मुताबिक पीड़ित सुषमा कुमार का खाता एक्सिस बैंक की देवेंद्र नगर शाखा में है। आरोप है कि 17 जुलाई को फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए उनके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदल दिया गया।
खास बात यह है कि मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया ग्राहक की जानकारी और सहमति के बिना किए जाने का आरोप है। नंबर बदलने के बाद आरोपियों ने बैंकिंग एप के जरिए खाते तक पहुंच बनाई।
पहले FD तोड़ी, फिर 14.97 लाख का ट्रांसफर
खाते तक पहुंच बनाने के बाद 14.40 लाख रुपये से ज्यादा की फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद कर दिया गया। FD की रकम बचत खाते में आने के बाद खाते में मौजूद अन्य रकम को मिलाकर कुल 14.97 लाख रुपये एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
यानी ग्राहक की जमा-पूंजी को पहले FD से निकाला गया और फिर बैंकिंग सिस्टम के जरिए रकम दूसरे खाते में पहुंचा दी गई।
बैंक पहुंची महिला तो खुला पूरा राज
मामले का खुलासा 7 अगस्त को हुआ। सुषमा कुमार जब बैंक पहुंचीं और अपने खाते की जानकारी ली, तब उन्हें खाते में हुई इस बड़ी गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधन से शिकायत की।
बैंक ने मामले की आंतरिक जांच कराई, जिसमें कथित फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक रिकॉर्ड से लेकर ATM-चेक तक खंगाले जा रहे
पुलिस ने कुलदीप सिंह और योगेश येडे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस बैंक के रिकॉर्ड, फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म, चेक, ATM और अन्य ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि 14.97 लाख रुपये के इस कथित बैंकिंग फर्जीवाड़े में सिर्फ दो आरोपी शामिल थे या बैंक के अंदर और भी किसी की भूमिका थी। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
