सड़क-पुलों की गुणवत्ता पर सरकार का फोकस, PWD इंजीनियरों को मिलेगी नई निर्माण तकनीकों की ट्रेनिंग; अरुण साव करेंगे शुभारंभ

रायपुर में 4 नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यशाला, NIT रायपुर के विशेषज्ञों सहित वरिष्ठ इंजीनियर देंगे प्रशिक्षण; मुख्य अभियंताओं से उप अभियंताओं तक की मौजूदगी अनिवार्य
रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में सड़क, पुल और सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इंजीनियरों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की पहल की है। इसके तहत 4 नवंबर को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव सुबह 10 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।
इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेशभर के इंजीनियरों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पुलों की मजबूती, सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीकों और भवनों के रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि प्रशिक्षण में केवल निर्माण की तकनीक ही नहीं, बल्कि सर्वेक्षण, प्राक्कलन तैयार करने, निविदा प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की निगरानी से जुड़े विषय भी शामिल किए गए हैं।
सड़क निर्माण की नई तकनीकों पर विशेष जोर
कार्यशाला में इंजीनियरों को रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट (RCC) और व्हाइट टॉप कंक्रीट जैसी आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा फ्लेक्सिबल पेवमेंट, पुल निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण और भवन निर्माण की तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी अलग-अलग सत्र होंगे।
विभाग का जोर निर्माण कार्यों की शुरुआती योजना से लेकर अंतिम गुणवत्ता परीक्षण और रखरखाव तक की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर रहेगा। इससे इंजीनियरों को नई तकनीकों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम करने की जानकारी मिलेगी।
NIT रायपुर के विशेषज्ञ भी देंगे प्रशिक्षण
कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के विशेषज्ञ भी प्रशिक्षण देंगे।
विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी निर्माण प्रक्रिया एवं गुणवत्ता नियंत्रण पर जानकारी देंगे। मुख्य अभियंता एस.के. कोरी पुल निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण के तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण देंगे। वहीं कार्यपालन अभियंता पी.के. गुप्ता सर्वेक्षण एवं प्राक्कलन तथा अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव निविदा दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया समझाएंगे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक बिनोद कुमार ऑनलाइन माध्यम से रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट और व्हाइट टॉप कंक्रीट तकनीक पर व्याख्यान देंगे। सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता डी.के. प्रधान भवन निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रशिक्षण देंगे।
NIT रायपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सनी देओल फ्लेक्सिबल पेवमेंट और प्रोफेसर जी.डी. रामटेके भवनों के रखरखाव से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देंगे।
ई-प्रोक्योरमेंट और निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग भी एजेंडे में
निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और बेहतर निगरानी के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है। छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम (CGRIDCL) के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), GePNIC ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी देंगे।
सभी श्रेणी के इंजीनियरों की उपस्थिति अनिवार्य
लोक निर्माण विभाग ने कार्यशाला में प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं की उपस्थिति अनिवार्य की है।
इस कार्यशाला के जरिए विभाग निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और रखरखाव की प्रक्रियाओं को लेकर इंजीनियरों को एक साझा प्रशिक्षण मंच उपलब्ध कराने जा रहा है।
