छत्तीसगढ़ में हॉकी का नया दौर, उभरती प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा अवसर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पहली बार राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जा रहा है। रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 21 अक्टूबर से शुरू हुई इस लीग में प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलंपियन और अनुभवी राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिल रहा है। छह टीमों के बीच हो रही इस प्रतियोगिता में कुल 132 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के 108 और दूसरे राज्यों के 24 खिलाड़ी शामिल हैं।
लीग का उद्देश्य केवल खिताब के लिए मुकाबला कराना नहीं, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की हॉकी का अनुभव देना और प्रदेश में इस खेल के लिए नए अवसर तैयार करना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेलों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने हॉकी इंडिया की मान्यता के साथ इस प्रतियोगिता का आयोजन किया है।
ओलंपियनों के साथ खेलेंगे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में भारतीय हॉकी के कई चर्चित खिलाड़ी मैदान पर उतर रहे हैं। इनमें ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एसवी सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह कंगुजम शामिल हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह को लीग का एंबेसडर बनाया गया है।
स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलना सीखने का महत्वपूर्ण अवसर है। तेज गति से होने वाले मुकाबलों में तालमेल, दबाव में निर्णय लेने और रणनीति के अनुसार खेलने जैसी बारीकियों को समझने में मदद मिल सकती है। इस तरह के अनुभव से खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारी मजबूत करने का मौका मिलेगा।
छह टीमें, 132 खिलाड़ी और खिताब के लिए मुकाबला
लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनके नाम राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस हैं। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी हैं, जिनमें 18 छत्तीसगढ़ के और चार दूसरे राज्यों के खिलाड़ी शामिल हैं। खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के जरिए किया गया है।
प्रतियोगिता में कुल 18 पुरुष हॉकी मुकाबले खेले जाने हैं। लीग चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद खिताब के लिए अंतिम मुकाबला 1 नवंबर को खेला जाएगा। विजेता टीम को 11 लाख रुपये और उपविजेता को 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए भी अलग से पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।
उद्घाटन समारोह में रक्षा खडसे ने कही यह बात
लीग के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत बनाने और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और उच्च स्तर के खेल के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने भी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। छत्तीसगढ़ ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे खिलाड़ी देश को दिए हैं। ऐसे में लीग से नई प्रतिभाओं को सामने लाने और राज्य में हॉकी की मजबूत व्यवस्था तैयार करने की उम्मीद है।
दर्शकों के लिए मुफ्त प्रवेश, जियोहॉटस्टार पर लाइव प्रसारण
रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों को देखने के लिए दर्शकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मैचों का लाइव प्रसारण जियोहॉटस्टार पर भी किया जा रहा है, जिससे स्टेडियम नहीं पहुंच पाने वाले हॉकी प्रेमी भी मुकाबलों का आनंद ले सकते हैं।
लीग का शुभंकर ‘बघवा’ रखा गया है, जबकि इसका नारा ‘चलो रे संगी, हॉकी खेलबो’ है। छत्तीसगढ़ी पहचान से जुड़े इस संदेश का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और आम लोगों को हॉकी से जोड़ना है।
खेल बजट में बढ़ोतरी से नई उम्मीदें
छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बुनियादी सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच देने का प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इसी दिशा में एक और पहल है। इसकी सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि इससे प्रदेश के कितने खिलाड़ियों को आगे चलकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर मिलते हैं। स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका देकर यह लीग छत्तीसगढ़ में हॉकी के भविष्य के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।
